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Chhattisgarh News नौकरी खा जाऊंगी , पूरे परिवार को नोच खाऊंगी !’… जिले में सहायक प्राध्यापक पर ‘ब्लैकमेलिंग’ का खूनी खेल, 5 लाख की उगाही के लिए घर में घुसकर मारपीट!

ब्यूरोचीफ राकेश कुमार साहू जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़

रायगढ़। शिक्षा के मंदिर में राष्ट्र का भविष्य गढ़ने वाले एक सहायक प्राध्यापक और उनके मासूम परिवार को इस कदर प्रताड़ित किया जाएगा, इसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी। रायगढ़ जिले के लैलूंगा से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन और सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ​शासकीय महाविद्यालय में कार्यरत सहायक प्राध्यापक रेमन भार्गव ने रायगढ़ पुलिस अधीक्षक (SP) को पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने अपने पड़ोसी पर ब्लैकमेलिंग, उगाही, घर में घुसकर मारपीट करने और उनकी नाबालिग बेटी की जान को खतरा होने का अत्यंत गंभीर आरोप लगाया है। पड़ोसी ने रची साजिश? ‘व्हाट्सएप’ से शुरू हुआ मानसिक उत्पीड़न – पीड़ित प्राध्यापक रेमन भार्गव के अनुसार, उनके पड़ोसी ने उनके खिलाफ लैलूंगा थाने में एक शिकायत दर्ज कराई है। प्राध्यापक का दावा है कि यह शिकायत पूरी तरह से झूठी, मनगढ़ंत और उनकी सामाजिक छवि को धूमिल कर उगाही (extortion) करने के उद्देश्य से रची गई एक गहरी साजिश है। इससे पहले तक दोनों परिवारों के बीच मधुर संबंध थे। मीडिया को साथ लेकर घर में घुसे, बनाया मारपीट का वीडियो! – ​आवेदन पत्र में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, उसके मुताबिक 29 जून 2026 को शिकायत दर्ज कराने के तुरंत बाद आरोपी पूरी तैयारी के साथ ‘प्रेस मीडिया’ को लेकर प्राध्यापक के घर में घुस गए।

​वहां उनके साथ जमकर मारपीट की गई। उन्हें धमकी दी गई कि “तुम्हारी नौकरी खा जाऊंगी और पूरे परिवार को नोच खाऊंगी ।” ​इस पूरी सोची-समझी वारदात का बकायदा वीडियो भी बनाया गया। 5 लाख रुपये की डिमांड… ‘गहना बेचो या जमीन, पैसा तो देना होगा’ – मारपीट और वीडियो बनाने के बाद खेल ‘समझौते’ पर आया। आरोप है कि प्राध्यापक को प्यार से बुलाकर 5 लाख रुपये की मोटी रकम मांगी गई। दबाव इस कदर बनाया गया कि आरोपियों ने कहा – “चाहे गहना बेचो, गाड़ी बेचो, जमीन बेचो या हर महीने किस्तों में दो, लेकिन तय राशि किसी भी कीमत पर देनी होगी।” खौफनाक धमकी : “यदि पैसे नहीं दिए, तो मारपीट का वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। और अगर वीडियो वायरल हुआ, तो जान से मार देंगे। अपनी नाबालिग बेटी को बचा सकते हो तो बचा लो!” लैलूंगा पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल! – ​इस पूरे मामले में स्थानीय लैलूंगा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उंगलियां उठ रही हैं। पीड़ित प्राध्यापक का आरोप है कि उन्होंने इस प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के खिलाफ लैलूंगा थाने में शिकायत आवेदन दिया था, लेकिन पुलिस ने न तो उन्हें पावती (रसीद) दी, न कोई कार्रवाई की, बल्कि उल्टा ‘समझौता’ करने का दबाव बनाया। खौफ में पूरा परिवार, SP से न्याय की गुहार – ​वर्तमान में प्राध्यापक रेमन भार्गव और उनका पूरा परिवार इस खौफनाक ब्लैकमेलिंग और धमकियों से बुरी तरह डरा-सहमा है। पीड़ित ने 3 जुलाई 2026 को रायगढ़ एसपी को आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और अपने परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। सबूत के तौर पर ऑडियो और वीडियो से लैस एक पेन ड्राइव भी पुलिस को सौंपी गई है। अब देखना यह होगा कि रायगढ़ पुलिस इस ‘ब्लैकमेलिंग’ गैंग और खाकी पर लगे आरोपों पर क्या एक्शन लेती है।

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