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केंद्रीय एजेंसियों में आईपीएस अफसरों की भारी कमी, झारखंड कैडर के अधिकारियों के लिए खुला बड़ा मौका

👉CBI-IB में अफसरों की भारी कमी, झारखंड IPS के लिए केंद्र में सेवा का सुनहरा अवसर

👉डीजी से एसपी रैंक तक पद खाली, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए बढ़ी मांग

👉केंद्रीय एजेंसियों में रिक्तियों का अंबार, झारखंड के IPS अफसरों को मिलेगा फायदा

👉IB-CBI में सबसे ज्यादा वैकेंसी, IPS अधिकारियों के लिए नए नियम भी लागू

👉केंद्र में अनुभव अब जरूरी, झारखंड कैडर के अफसरों के लिए बढ़े अवसर

रांची/झारखंड: केंद्रीय पुलिस संगठनों (CPOs) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में आईपीएस अधिकारियों की भारी कमी सामने आने के बाद झारखंड कैडर के आईपीएस अधिकारियों के लिए केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने का बड़ा अवसर खुल गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में डीजी से लेकर एसपी स्तर तक बड़ी संख्या में पद खाली होने की जानकारी दी गई है।

सूत्रों के अनुसार देश की प्रमुख जांच, खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों में अधिकारियों की कमी लगातार बढ़ रही है। सबसे अधिक रिक्तियां केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में दर्ज की गई हैं। खासकर एसपी और डीआईजी स्तर के पदों पर स्थिति चिंताजनक मानी जा रही है।

👉सीबीआई और आईबी में सबसे ज्यादा कमी

सीबीआई में एसपी स्तर के 78 स्वीकृत पदों में से 45 पद खाली हैं, जबकि आईजी स्तर के 18 पदों में से 3 रिक्त हैं। वहीं देश की आंतरिक खुफिया एजेंसी आईबी में डीआईजी स्तर के 63 पदों में 35 और एसपी स्तर के 83 पदों में 44 पद खाली बताए गए हैं।

👉बीएसएफ, सीआरपीएफ और एनआईए में भी रिक्तियां

बीएसएफ में आईजी स्तर के 22 पदों में से 6 और डीआईजी स्तर के 26 पदों में से 2 पद रिक्त हैं। सीआरपीएफ में आईजी स्तर के 23 पदों में 4 पद खाली चल रहे हैं। आतंकवाद विरोधी जांच एजेंसी एनआईए में आईजी के 9 पदों में 4 तथा एसपी के 39 पदों में 13 पद खाली बताए गए हैं।

👉पुलिस अकादमी तक में अफसरों की कमी

हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (NPA) में भी आईपीएस अधिकारियों की कमी देखी जा रही है। यहां आईजी के दोनों पद खाली हैं, जबकि एसपी स्तर के 14 पदों में से 5 रिक्त हैं।

👉केंद्र में अनुभव अब अनिवार्य

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति को लेकर नए नियम लागू किए हैं। अब आईजी जैसे वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति के लिए एसपी या डीआईजी स्तर पर कम से कम दो वर्ष का केंद्रीय प्रतिनियुक्ति अनुभव जरूरी होगा। यह व्यवस्था 2011 बैच के आईपीएस अधिकारियों से लागू मानी जा रही है।

👉झारखंड कैडर के कई अफसर पहले से केंद्र में

वर्तमान में झारखंड कैडर के कई आईपीएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। इनमें नवीन कुमार सिंह, बलजीत सिंह, आशीष बत्रा, साकेत कुमार सिंह, कुलदीप द्विवेदी, अनूप टी मैथयू, अनीश गुप्ता, शिवानी तिवारी, प्रियंका मीणा और शुभांशु जैन समेत कई अधिकारी शामिल हैं।

क्या है इसका बड़ा असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र सरकार अब अनुभवी और फील्ड लेवल पर काम कर चुके आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय एजेंसियों में लाने पर जोर दे रही है। इससे राज्यों के अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर पर काम करने का अवसर मिलेगा, वहीं सुरक्षा एजेंसियों में नेतृत्व संकट भी कम होगा।

जानकारों के मुताबिक आने वाले समय में केंद्रीय एजेंसियों में प्रतिनियुक्ति के लिए प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती है, क्योंकि वरिष्ठ पदों पर पदोन्नति के लिए केंद्रीय अनुभव अब महत्वपूर्ण मानदंड बन चुका है।

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