लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश निंदनीय : अनुपमा सिंह

👉शांतिपूर्ण धरना पर प्राथमिकी दर्ज करना अलोकतांत्रिक : अनुपमा सिंह
👉भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना अपराध नहीं : कांग्रेस नेत्री
👉कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज केस वापस लेने की मांग
👉जनहित के मुद्दों को उठाने वालों को डराने का प्रयास : अनुपमा सिंह
धनबाद : कांग्रेस नेत्री अनुपमा सिंह ने धनबाद सदर अंचल कार्यालय के समक्ष आयोजित शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के बाद कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं पर दर्ज प्राथमिकी को दुर्भावनापूर्ण, असंवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन करने वाला कदम बताया है।
उन्होंने कहा कि 13 मई 2026 को धनबाद नगर कांग्रेस कमेटी एवं भूली नगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक था। धरना का उद्देश्य अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, दलाली, रिश्वतखोरी तथा दाखिल-खारिज, जाति, आय एवं निवास प्रमाण-पत्र, भूमि मापी और ऑनलाइन आवेदन निष्पादन में हो रही अनियमितताओं के खिलाफ जनता की आवाज उठाना था।
अनुपमा सिंह ने कहा कि धरना के दौरान किसी प्रकार की हिंसा, तोड़फोड़, मारपीट या सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न नहीं की गई। इसके बावजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करना यह दर्शाता है कि जनहित के मुद्दे उठाने वालों को भयभीत करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध और धरना-प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक एवं राजनीतिक दल का संवैधानिक अधिकार है। भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं के खिलाफ आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है। प्रशासन द्वारा गंभीर धाराएं लगाकर आंदोलन को दबाने का प्रयास अत्यंत निंदनीय और अलोकतांत्रिक है।
कांग्रेस नेत्री ने उपायुक्त धनबाद से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज प्राथमिकी को अविलंब वापस लेने की मांग की। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि धनबाद अंचल अधिकारी ने अपने पद एवं अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए शांतिपूर्ण आंदोलन को आपराधिक स्वरूप देने का प्रयास किया है, इसलिए उनके विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के अधिकार, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई और जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी तथा जनता की आवाज दबाने के हर प्रयास का लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती के साथ विरोध किया जाएगा।


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