सिहावा विधायक अंबिका मरकाम ने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर केंद्र की मोदी सरकार जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही हैं भाजपा की मंशा महिलाओ को अधिकार देने के बजाय परिसीमन कर राजनैतिक लाभ लेने का था जिसे कांग्रेस व सहयोगों दलों ने विफल कर दिया यह लोकतंत्र की जीत है भाजपा ने आपने स्वार्थ के लिये महिला आरक्षण के साथ परिसीमन को जोड़ा था।विधायक मरकाम ने कहा कि प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम सबोधन राष्ट्र हित से अधिक चुनावी लाभ का भाषण था वर्ष 2023 मे सांसद में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को परिसीमन से क्यों जोड़ा गया ? भाजपा चाहती थी कि महिला आरक्षण के समर्थन के नाम पर विपक्ष बिल पारित करे और बाद के 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू कर राजनैतिक समीकरण अपने पक्ष में बदल दिया जाय उन्होंने कहा की लोकसभा में बिल पास नही होने पर भाजपा इसे मुद्दा बना कर आंडबर कर रही है ,जनता जान रही है कि देश की महिलाओं को मताधिकार से लेकर कई संवैधानिक अधिकार कांग्रेस सरकार में ही मिला है
उन्होंने जानना चाहा कि जब 2023 मे सर्व सम्मति से महिला आरक्षण विधेयक पारित हो चुका था तो फिर नए विधेयक की आवश्यकता क्यों पड़ी यदि भाजपा महिलाओं को वास्तविक में आरक्षण देना चाहती है तो वर्तमान 543 लोकसभा सीट से ही महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाय उसे शीघ्रता से लागू किया जाए दर असल भाजपा का असली एजेंडा महिलाओं का अधिकार देना नही बल्कि परिसीमन की आड़ में राजनीति करना था उन्होंने यह भी कहा कि अनुसूचित जनजातियों व अनुसूचित जातियों की महिलाओं के अलावा ओबीसी वर्ग की महिलाओं को भी प्रतिनिधि सुनिश्चित किया जाए तथा जनगणना और परिसीमन के नाम पर आरक्षण को टालने की राजनीति बंद हो यदि केंद्र सरकार की नियत साफ है तो वह मौजूदा संसदीय सरंचना में ही महिलाओं का आरक्षण लागू करें वर्ष 2023 में जो बिल मूल रूप से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिये पारित हुआ था उसका कांग्रेस पार्टी समर्थन करती है।