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शिक्षा के विकास में समुदाय की मिसाल: ECCE दिवस पर झपेली आंगनवाड़ी बना सीखने का जीवंत केंद्र

शिक्षा के विकास में समुदाय की मिसाल: ECCE दिवस पर झपेली आंगनवाड़ी बना सीखने का जीवंत केंद्र

शिक्षा के विकास में समुदाय की मिसाल: ECCE दिवस पर झपेली आंगनवाड़ी बना सीखने का जीवंत केंद्र

जांजगीर-चांपा। बलौदा ब्लॉक के ग्राम झपेली में ECCE (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) दिवस के अवसर पर समुदाय की सशक्त भागीदारी ने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। 9 अप्रैल 2026 को आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 16 में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साबित किया कि जब समुदाय, विद्यालय और युवा एक साथ आते हैं, तो सीखने का वातावरण अधिक समृद्ध और प्रभावी बनता है।

झपेली आंगनवाड़ी।

इस अवसर पर सरपंच, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, विद्यालय स्टाफ और विशेष रूप से ‘राहत युवा समूह’ के युवाओं ने मिलकर आंगनवाड़ी केंद्र को एक आकर्षक और सीखने योग्य वातावरण में परिवर्तित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस समूह के कुल 10 युवाओं का सहयोग प्राप्त हुआ, जिनमें से 5 युवा ECCE दिवस के आयोजन में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे। युवाओं ने केंद्र की सजावट, शैक्षणिक सामग्री की व्यवस्था और बच्चों के लिए अनुकूल माहौल बनाने में सक्रिय सहयोग दिया, जिससे केंद्र एक जीवंत शिक्षण स्थल के रूप में उभरकर सामने आया।

कार्यक्रम में 11 पालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पालकों को बच्चों के समग्र विकास के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी दी गई तथा उन्हें स्वयं शारीरिक गतिविधियों और बालगीतों में शामिल किया गया, ताकि वे घर पर भी बच्चों के साथ इन गतिविधियों को दोहरा सकें। इस सहभागिता ने पालकों को बच्चों के सीखने की प्रक्रिया से सीधे जोड़ने का कार्य किया।

आयोजन को और रोचक बनाने के लिए कुर्सी दौड़ और रूमाल झपट्टा जैसे पारंपरिक खेलों का आयोजन किया गया, जिसमें पालकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। नाम-पट्ट पहनकर एक-दूसरे का अभिवादन करने जैसी गतिविधियों ने न केवल आपसी जुड़ाव बढ़ाया, बल्कि शिक्षा के महत्व को भी सहज रूप से अनुभव कराया।

इस अवसर पर सरपंच श्री चंद्रशेखर कश्यप ने सभी पालकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और प्रत्येक माह आयोजित होने वाले ECCE दिवस में सक्रिय सहभागिता की अपील की। साथ ही, बलौदा शहरी सेक्टर की सुपरवाइजर श्रीमती विनिता पांडे द्वारा समय-समय पर मार्गदर्शन प्रदान किया जाता रहा, जिसके कारण ऐसे आयोजन सफलतापूर्वक संचालित हो सके। उन्होंने इस सराहनीय पहल के लिए आंगनवाड़ी शिक्षिका और पूरे गाँव को बधाई भी दी।

साथ ही, इस अवसर पर “टॉय बैंक” की एक नई पहल भी शुरू की गई है, जिसे ‘राहत युवा समूह’ द्वारा संचालित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्र में शैक्षणिक और खेल सामग्रियों की उपलब्धता बढ़ाना है, ताकि बच्चों को खेल-खेल में सीखने के अधिक अवसर मिल सकें। टॉय बैंक के माध्यम से बच्चों को विविध प्रकार के खिलौने, शिक्षण सामग्री और गतिविधि-आधारित संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनके मानसिक, सामाजिक और रचनात्मक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। यह पहल समुदाय से भी सहयोग आमंत्रित करती है, ताकि लोग स्वेच्छा से खिलौने और सामग्री का सहयोग प्रदान कर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य में योगदान दे सकें।

राहत युवा क्लब, गाँव के युवाओं द्वारा स्थापित एक स्वतंत्र समूह है, जिसका उद्देश्य शिक्षा और समग्र विकास के लिए सक्रिय रूप से कार्य करना है। यह क्लब विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों के माध्यम से युवाओं के व्यक्तिगत विकास को प्रोत्साहित करता है तथा उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार करने में सहयोग प्रदान करता है। साथ ही, यह गाँव के अन्य युवाओं को भी आगे बढ़ने और जीवन में सफलता प्राप्त करने हेतु मार्गदर्शन और समर्थन देने का प्रयास करता है।

कार्यक्रम की सफलता में आंगनवाड़ी शिक्षिका रेखा अक्षयाप, सरपंच चंद्रशेखर कश्यप, प्रधान पाठक जगन्नाथ पाटले, गार्गी अग्रवाल तथा ‘राहत युवा समूह’ का विशेष योगदान रहा। यह पहल न केवल बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देती है, बल्कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से पूरे गांव में शिक्षा, जागरूकता और सामुदायिक जिम्मेदारी का सशक्त संदेश भी प्रसारित करती है।

REPORTER NILKANTH YADAV Bilaspur,Janjgir Chhattisgarh News

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