DMC Election 2026: खर्च का हिसाब न देने वालों पर शिकंजा, 32 प्रत्याशियों पर बैन की तैयारी

👉चुनावी खर्च छुपाना पड़ा भारी, मेयर प्रत्याशी समेत 32 पर कार्रवाई की तलवार
👉धनबाद निकाय चुनाव के बाद सख्ती, 3 साल के प्रतिबंध की चेतावनी
👉खर्च विवरण नहीं सौंपने वालों पर आयोग का वार, कई बड़े नाम शामिल
👉DMC चुनाव: नियमों की अनदेखी पर उम्मीदवारों की मुश्किलें बढ़ीं
धनबाद।
नगर निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद अब निर्वाचन आयोग ने नियमों के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपना लिया है। चुनावी खर्च का विवरण निर्धारित समय में जमा नहीं करने वाले प्रत्याशियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई की जद में धनबाद नगर निगम (DMC) की मेयर प्रत्याशी शिल्पी शर्मा समेत कुल 32 उम्मीदवार आ गए हैं।
👉आयोग के नियमों के अनुसार,
मतगणना के 30 दिनों के भीतर सभी प्रत्याशियों को अपने चुनावी खर्च का पूरा ब्योरा जमा करना अनिवार्य होता है। धनबाद नगर निगम के लिए यह अंतिम तिथि 30 मार्च तय की गई थी, लेकिन कई प्रत्याशी समय पर विवरण देने में विफल रहे।
👉खर्च का हिसाब नहीं देना पड़ा भारी
धनबाद नगर निगम चुनाव में कुल 443 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें से मेयर पद की प्रत्याशी शिल्पी शर्मा सहित वार्ड 1 से 55 तक के 32 पार्षद प्रत्याशियों ने खर्च का विवरण जमा नहीं किया। अब इन सभी पर तीन वर्षों तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है।
👉किसने किया सबसे ज्यादा खर्च
मेयर पद के उम्मीदवारों में खर्च के मामले में पूर्व महापौर चंद्रशेखर अग्रवाल और संजीव सिंह आगे रहे।
चंद्रशेखर अग्रवाल ने ₹18.49 लाख और संजीव सिंह ने ₹18.37 लाख खर्च का विवरण प्रस्तुत किया।
इसके अलावा संजीव कुमार (₹11.86 लाख), इंदू देवी (₹11.53 लाख) और अमित अग्रवाल (₹5.96 लाख) भी प्रमुख खर्च करने वालों में शामिल रहे।
👉चिरकुंडा में बेहतर स्थिति
वहीं चिरकुंडा नगर परिषद में सभी 80 प्रत्याशियों ने समय पर अपना खर्च विवरण जमा कर उदाहरण पेश किया।
पार्षद पद में वार्ड 10 की प्रत्याशी नसीमा खातुन ने ₹1,14,580 खर्च किए।
अध्यक्ष पद पर सुनीता देवी (₹1.8 लाख), शुक्ला राय (₹2.71 लाख), बर्नाली बाउरी (₹1.53 लाख) और मीना देवी (₹98 हजार) ने अपने खर्च का पूरा हिसाब दिया।
👉आयोग की सख्ती से बढ़ी हलचल
निर्वाचन आयोग की इस कार्रवाई से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आगे भी नियमों के उल्लंघन पर इसी तरह की सख्ती जारी रहेगी, ताकि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके ।
नोट:-
चुनाव लड़ना है तो नियमों का पालन अनिवार्य है, अन्यथा कार्रवाई तय है।


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