
रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्य प्रदेश
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सोमवार को अरेरा हिल्स स्थित उद्यमिता भवन, भोपाल में आयोजित पांच दिवसीय पाठ्यपुस्तक लेखन कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पाठ्य पुस्तकें विद्यार्थियों के भविष्य का निर्माण करती हैं। इसलिए हमारा दायित्व है कि हम ऐसी पाठ्य पुस्तकों का निर्माण करें जो भविष्य के प्रति समर्पित हों। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आधार पर भारत की संस्कृति से परिपूर्ण और वैश्विक ज्ञान से भरपूर पाठ्य पुस्तकें तैयार करें। संस्कृत, वैदिक, यौगिक, आयुर्वेदिक एवं अन्य ज्ञानपरक विषयों से जुड़े संस्थानों का निर्माण कर रहे हैं, जिससे बच्चों का सर्वांगीण बौद्धिक, नैतिक एवं शारीरिक विकास सुनिश्चित हो सके उन्होंने स्थानीय और आचंलिक ज्ञान पर जोर देते हुए कहा कि हमें डॉ. हरिसिंह गौर, महाराजा सूरजमल, परमार वंश के शासक राजा भोज सहित अन्य महान हस्तियों को आज के पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ी को भारत के समृद्ध इतिहास, सामाजिक योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान की सही जानकारी मिल सके। कार्यशाला गुणवत्तापूर्ण एवं समकालीन पाठ्यपुस्तकों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिपेक्ष्य में पाठ्यपुस्तकों के पुर्ननिर्माण की दिशा में आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला 23 जनवरी तक संचालित होगी। कार्यशाला में कक्षा 1, 3, 5 एवं 7 की नवीन पाठ्य पुस्तकों के निर्माण के लिए विचार विमर्श किया जाएगा। कार्यशाला के दौरान राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) के पूर्व अध्यक्ष सहित पाठ्यपुस्तक स्थायी समिति के सदस्य, राज्य शिक्षा केन्द्र के विषय समन्वयक, विषय शिक्षक एवं लेखक भी उपस्थित रहे।




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