*यूपी पंचायत चुनाव निर्धारित समय से टलने की संभावना,OBC आरक्षण बना अडंगा*
*सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय निकाय पंचायत चुनावों में OBC को आरक्षण देने के लिए “ट्रिपल टेस्ट” अनिवार्य किया है।*
*इसमें एक डेडिकेटेड कमीशन गठित करना,पिछड़ेपन का डेटा इकट्ठा करना और आनुपातिक आरक्षण तय करना शामिल है जो अभी तक ना ही गठन हुआ है और न ही इसकी प्रक्रिया शुरू हुई है।*
*हलाकि पंचायती राज विभाग ने प्रस्ताव भेजा है,लेकिन कोई निर्णय नहीं लिया गया है।*
*आयोग को रिपोर्ट तैयार करने में कम से कम 6 महीने का वक्त लगेगा,जिसके बाद आरक्षण लागू हो पाएगा।*
*यदि OBC आरक्षण बिना ट्रिपल टेस्ट के दिया गया,तो कोर्ट से चुनाव रुक सकता है जैसा कि पहले निकाय चुनावों में हुआ था।*
*चुनाव आयोग अप्रैल-जुलाई 2026 में चुनाव कराने की योजना पर काम कर रहा है 75 करोड़ बैलट पेपर छप रहे हैं,खर्च सीमा दोगुनी की गई है।*
*मतदाता सूची का पुनरीक्षण चल रहा है फाइनल लिस्ट मार्च 2026 तक आ जायेगी वार्ड परिसीमन और ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन भी हो रहा है।*
*लेकिन OBC आरक्षण का मुद्दा सबसे बड़ा अड़ंगा है और अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठा।*

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