*दक्षिणांचल सरयू तटबंध पर अधूरे कार्य, बड़े गड्ढों से बढ़ी चिंता; भ्रष्टाचार की आहट पर ग्रामीणों में आक्रोश*
*दक्षिणांचल सरयू तटबंध पर अधूरे कार्य, बड़े गड्ढों से बढ़ी चिंता; भ्रष्टाचार की आहट पर ग्रामीणों में आक्रोश*
गोरखपुर। दक्षिणांचल क्षेत्र के शाहपुर खड़कपुर तथा शाहपुर सोपाई तटबंध की स्थिति लगातार चिंता बढ़ा रही है। ग्रामीणों के अनुसार तटबंध पर कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जबकि सरकारी अभिलेखों में गड्ढा भराई कार्य पूरा दिखाया गया है। जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि तटबंधों की मरम्मत कार्यों को लेकर “मिल-बाँटकर काम चलाने” की प्रवृत्ति ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया है। मरम्मत के लिए की गई मिट्टी भराई कई स्थानों पर मानक के अनुसार नहीं है, जिससे तटबंध कमजोर पड़ रहा है। बाढ़ के दौरान यही स्थान खतरनाक साबित हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिंचाई विभाग, बाढ़ खंड के अधिकारी वर्षों से तटबंध की दुर्दशा से अवगत हैं, फिर भी सुधार की गति धीमी है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय उदासीनता ऐसी प्रतीत होती है मानो अधिकारी किसी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हों।
तटबंध की कमजोर स्थिति और अधूरे कार्यों को देखकर लोगों में भ्रष्टाचार की आहट भी सुनाई दे रही है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब मुख्यमंत्री का जिला खुद गोरखपुर है, तो तटबंधों में लापरवाही और निम्नस्तरीय कार्यों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
स्थानीय निवासियों का मानना है कि तटबंध क्षेत्र की सुरक्षा और बाढ़ नियंत्रण के लिए सबसे अहम संरचना है। इसलिए यह आवश्यक है कि विभाग वास्तविक स्थिति का त्वरित निरीक्षण कराए तथा अधूरे व संदिग्ध कार्यों की जांच कर मरम्मत जल्द से जल्द पूरी कराए।
ग्रामीणों की मांग है कि उच्च स्तर पर निगरानी बढ़ाई जाए और कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित आपदा से क्षेत्र को सुरक्षित रखा जा सके।

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