पुलिस मुख्यालय में लंबे समय से जमे कर्मियों पर कार्रवाई तेज, DGP ने शुरू की पहचान प्रक्रिया

👉वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालयों में वर्षों से तैनात कर्मी हटेंगे, पुलिस मुख्यालय में बड़ी पुनर्बहाली तैयारी
👉डीजीपी का बड़ा कदम: मुख्यालय में प्रतिनियुक्त कर्मियों की होगी समीक्षा, जरूरत से अधिक बल लौटेगा जिला
👉भ्रष्टाचार पर सख्त DGP तदाशा मिश्रा, मुख्यालय में तैनाती की जांच शुरू
👉लंबी पोस्टिंग पर लगेगा ब्रेक, पुलिस मुख्यालय में तैनात कर्मियों की सूची खंगाल रही टीम
रांची। झारखंड पुलिस मुख्यालय में लंबे समय से पदस्थापित कर्मियों पर अब कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर डीजीपी तदाशा मिश्रा सख्त रुख में हैं। उन्होंने मुख्यालय की सभी महत्वपूर्ण शाखाओं से वहां तैनात अधिकारियों और पुलिस बल की विस्तृत जानकारी मांगी है, जिसकी वर्तमान में समीक्षा की जा रही है।
जिन शाखाओं से जानकारी ली जा रही है, उनमें एडीजी अभियान, आईजी अभियान, आईजी मुख्यालय, आईजी प्रशिक्षण, आईजी मानवाधिकार, डीआईजी बजट, डीआईजी कार्मिक, डीआईजी सड़क सुरक्षा और सार्जेंट मेजर शाखा शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक DGP को शिकायत मिली थी कि कई शाखाओं में आवश्यकता से अधिक कर्मी तैनात हैं और कई वर्षों से एक ही पद पर जमे हुए हैं। जहां प्रतिनियुक्त कर्मियों की संख्या अधिक पाई जाएगी, वहाँ अतिरिक्त बल को उनके मूल जिला या पैतृक वाहिनी में वापस भेजने की तैयारी है।
पूर्व में भी अवैध वसूली से जुड़े गंभीर मामलों की शिकायतों को DGP तदाशा मिश्रा ने प्राथमिकता से लिया है। पुलिस मुख्यालय में पदस्थापित एक इंस्पेक्टर के खिलाफ एसीबी धनबाद द्वारा आइआर कर जांच जारी है।
इसके अलावा झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार ने भी ऑनलाइन शिकायत कर पूर्व डीजीपी के कार्यकाल के कुछ अधिकारियों और कर्मियों पर अनियमित वसूली के आरोप लगाए थे। हालांकि उस मामले में रांची पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है और मामला लंबित है।
पुलिस मुख्यालय में तैनाती की इस व्यापक समीक्षा को प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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