कतरास स्टेशन रोड पर आजसू का शक्ति प्रदर्शन, JLKM के कई वरिष्ठ नेता पार्टी में शामिल — सुदेश महतो ने झारखंड की 25 साल की बदहाल व्यवस्था पर साधा निशाना

👉 आजसू में बड़ा राजनीतिक “मिलन”, JLKM के बागी नेताओं की एंट्री से बदली सियासी हवा
👉 कतरास में आजसू का मेगा शो—JLKM नेताओं की घर वापसी, सुदेश महतो बोले: झारखंड नेतृत्वहीनता का शिकार
👉 JLKM से टूटकर नेताओं का आजसू में झुकाव, प्रदीप महतो का बड़ा आरोप—“पार्टी अब सिर्फ़ जयराम महतो तक सिमट गई हैं।
धनबाद/कतरास:
कतरास स्टेशन रोड आज राजनीतिक रंग में रंग गया, जब आजसू पार्टी द्वारा आयोजित भव्य मिलन समारोह में JLKM के कई प्रभावशाली और वरिष्ठ नेताओं ने मंच पर आजसू का दामन थाम लिया। मंच पर नेताओं की मौजूदगी, समर्थकों का जोश और नारों की गूंज ने कार्यक्रम को सियासी तौर पर खास बना दिया।
मंच से संबोधित करते हुए आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने झारखंड की 25 वर्षों की यात्रा पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि “झारखंड बने 25 साल हो गए, लेकिन मात्र 9 हजार नियुक्तियाँ हुईं—वो भी कटौती के साथ। बिहार से अलग होने पर उसकी हालत बेहद खराब थी, आज वही बिहार देश के टॉप-10 विकसित राज्यों में शामिल है। इसका सीधा मतलब है कि बिहार को सही नेतृत्व मिला, जबकि झारखंड नेतृत्वहीनता से जूझता रहा।”
कार्यक्रम का केंद्र रहे JLKM के बागी नेता प्रदीप महतो ने मंच से अपने बदलाव की वजह भी साफ की। उन्होंने कहा—
“JLKM अब जनता की पार्टी नहीं रही। यह सिर्फ़ जयराम महतो की निजी पार्टी बन गई है। संगठन की आवाज़ को दबा दिया गया, इसलिए हमने जनहित में नया रास्ता चुना है।”
मिलन समारोह में शामिल नेताओं ने आजसू की नीतियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि अब वे झारखंड के विकास और स्थानीय मुद्दों के समाधान के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे। कतरास क्षेत्र में यह सियासी बदलाव आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण को प्रभावित करता दिख रहा है।

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