दो से अधिक संतान पर निकाय चुनाव में रोक! झारखंड निर्वाचन आयोग ने तय की महत्वपूर्ण कट-ऑफ डेट

👉 निकाय चुनाव 2025: दो से ज़्यादा बच्चे वाले उम्मीदवार होंगे बाहर, 9 फ़रवरी 2013 बना निर्णायक वर्ष
👉झारखंड में पहली बार सभी निकायों का एक साथ चुनाव—उम्मीदवारों पर लागू होंगी नई शर्तें
👉दो से अधिक संतान वालों की चुनावी राह बंद, गोद लिए और जुड़वाँ बच्चे भी गिने जाएंगे
झारखंड में नगर निकाय चुनाव की तैयारियाँ तेज़ हो चुकी हैं और इसी बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों को लेकर एक अहम शर्त स्पष्ट की है। आयोग ने साफ कर दिया है कि जिन व्यक्तियों की दो से अधिक संतान हैं और उनकी अंतिम संतान का जन्म 9 फ़रवरी 2013 के बाद हुआ है, वे आगामी निकाय चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने इस संबंध में सभी जिलों को औपचारिक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार—
यदि किसी उम्मीदवार के दो से अधिक बच्चे 9 फ़रवरी 2013 से पहले ही थे और उसके बाद संतान संख्या में कोई वृद्धि नहीं हुई, तो वह चुनाव लड़ने के योग्य माना जाएगा।
गोद ली गई संतान और जुड़वाँ बच्चे भी कुल संतान की संख्या में शामिल किए जाएंगे।
नामांकन दायर करते समय उम्मीदवार को दो से अधिक संतान नहीं होने का स्वघोषणापत्र देना अनिवार्य होगा, अन्यथा नामांकन खारिज किया जा सकता है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव की प्रक्रिया झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 के अनुरूप पूरी की जाएगी और इस बार राज्य के सभी नगर निकायों में पहली बार एक साथ चुनाव आयोजित होंगे।
👉कर भुगतान से जुड़ा नया निर्देश
👉निर्वाचन आयोग ने यह भी तय किया है कि—
बकाया कर, शुल्क या किराया जमा किए बिना कोई भी व्यक्ति अपना नामांकन दाखिल नहीं कर सकेगा।
9 फ़रवरी 2013 से पहले की लंबित राशि पर चक्रवृद्धि ब्याज नहीं लगेगा, लेकिन मूल बकाया व सरल ब्याज चुकाना आवश्यक होगा।
उम्मीदवारों को वित्तीय वर्ष 2024-25 तक का सभी कर भुगतान अनिवार्य रूप से करना होगा।
इन नए निर्देशों के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि निकाय चुनाव में अब पात्रता के मानक काफ़ी सख़्त होंगे और सत्यापन प्रक्रिया भी पहले से अधिक कड़ी होगी।

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