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बस्तर जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर की समीक्षा बैठक संपन्न हुई

बस्तर कलेक्टर हरीश एस के निर्देश पर और एडीएम सी पी बघेल की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के शिशु एवं मातृ मृत्यु दर की समीक्षा बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट के प्रेरणा हाल में किया गया। बस्तर जिले में अप्रैल 2025 से लेकर अब तक हुए कुल विकासखंड वार हुए मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा में विकासखंड वार अब तक हुए मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु के प्रत्येक प्रकरण के विस्तार से संबंधित विकासखंड के विकासखंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा विवरण लिया गया और शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में भी अब तक हुए सभी मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु के कारण और इसमें कमी लाने हेतु किए जाने वाले उपायों पर विस्तृत चर्चा एडीएम द्वारा की गई। इस समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर संजय बसाक, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर सी मैत्री, मेडिकल कॉलेज से शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ डी आर मंडावी, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अल्पना बंसल, जिला चिकित्सालय महारानी अस्पताल से शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राज, महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मनीषा गोयल, महारानी अस्पताल के अस्पताल सलाहकार डॉ नीरज ओझा सभी विकासखंड के प्रभारी विकासखंड चिकित्सा अधिकारी और सेक्टर प्रभारी उपस्थित रहे। विशेषज द्वारा सीडीआर और एमडीआर प्रकरणों में कमी लाने हेतु अपने विचार भी व्यक्त किए गए।

इस बैठक में डीपीएम डॉक्टर रीना लक्ष्मी द्वारा पीपीटी के माध्यम से विस्तृत रूप से प्रत्येक केस की समीक्षा करते हुए समय पर ऑडिट और उसके रोकथाम हेतु किए जाने के प्रयास में तेजी लाने के लिए सभी संस्थाओं के प्रभारियों को निर्देशित किया गया ।प्रत्येक माह के 9 और 24 तारीख को होने वाले प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना में एचआरपी केस की पहचान कर सही समय पर पर्याप्त उपचार और जोखिम वाले केस को समय पर रेफर कर उच्च रेफरल सेंटर पर भेजने के लिए सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए। इस अवसर पर जिला डाटा मैनेजर,सहायक डाटा मैनेजर,DPHNO कविता बघेल प्रसन्न कुमार, के डी मरकाम,शिवम परासर भी उपस्थित रहे । समीक्षा बैठक के अंत में एडीएम द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सभी चिकित्सा अधिकारियों और प्रभारी से सीडीआर और एमडीआर में कमी लाने हेतु सभी मैदानी कर्मचारियों को अपने कार्य स्थल पर उपस्थित रहने ,परिवहन की उचित व्यवस्था पूर्व से ही नियोजित करने और जोखिम वाले केस की समय पर पहचान कर विशेषज्ञों की निगरानी में प्रसव की सेवाएं लेने के लिए जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भेजने के लिए निर्देश दिए गए।उक्त जानकारी प्रभारी जिला मीडिया अधिकारी शकील खान द्वारा दी गई है।

Bastar Chhattisgarh News @ Reporter Sumit Bajpai

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