
पटना की बिजली व्यवस्था होगी अत्याधुनिक, ₹328.52 करोड़ की परियोजना का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया शुभारंभ
पटना। राजधानी की शहरी बिजली आपूर्ति अब अधिक आधुनिक, सुरक्षित और सुदृढ़ होने जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को ₹328.52 करोड़ की लागत से तैयार विद्युत आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण परियोजना का शुभारंभ किया। इस महत्वाकांक्षी योजना की अवधि 24 महीने तय की गई है।
इस परियोजना के तहत राजधानी में 200 किलोमीटर से अधिक लंबी बिजली केबल को भूमिगत किया जाएगा। साथ ही नए सब स्टेशन बनाए जाएंगे और पुरानी संरचनाओं को दुरुस्त किया जाएगा। इस योजना से शहरवासियों को निर्बाध, सुरक्षित और बेहतर गुणवत्ता वाली बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद आंधी-तूफान और बारिश जैसे मौसम में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। इसके अलावा लोड की बढ़ती मांग को भी बेहतर ढंग से संभाला जा सकेगा।
आधुनिक तकनीक से सुसज्जित होगी व्यवस्था
ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि फीडर की लंबाई कम होने से ट्रिपिंग और ब्रेकडाउन की घटनाओं में कमी आएगी और मरम्मत कार्य अधिक तेजी से किया जा सकेगा। इसके साथ ही वोल्टेज फ्लक्चुएशन और बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है।
परियोजना में RMU (रिंग मेन यूनिट) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे किसी खराब हिस्से को अलग कर बाकी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति शीघ्र बहाल की जा सकेगी। साथ ही, SCADA प्रणाली की मदद से पूरे सिस्टम की निगरानी और नियंत्रण डिजिटल तरीके से संभव होगा।
आने वाले चरणों में और बड़े कदम
इस परियोजना के अगले चरण में ₹568.22 करोड़ की अतिरिक्त लागत से 890 किमी से अधिक अंडरग्राउंड केबलिंग, 881 किमी कवर्ड वायर रीकंडक्टिंग और SCADA सिस्टम की स्थापना की जाएगी।
ऊर्जा विभाग का मानना है कि इस योजना के पूर्ण होते ही पटना की बिजली व्यवस्था न सिर्फ बेहतर और भरोसेमंद होगी, बल्कि यह भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप भी तैयार होगी।



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