
ओझा-गुनी के शक में ग्रामीणों ने वृद्ध की पीट-पीटकर की हत्या, शव को आहर में दफनाया — पुलिस ने 48 घंटे में किया बरामद
गया, बिहार।
गया जिले के टनकुप्पा थाना क्षेत्र के गजाधरपुर पंचायत अंतर्गत दुखीबीघा गांव में अंधविश्वास के चलते एक दर्दनाक घटना सामने आई है। गांव के कुछ लोगों ने 62 वर्षीय वृद्ध बिरजू मांझी को ओझा-गुनी का आरोप लगाते हुए पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। आरोप है कि हत्या के बाद शव को वजीरगंज थाना क्षेत्र के कोल्हना गांव स्थित आहर में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया।
घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है। मृतक बिरजू मांझी गांव में झाड़-फूंक का काम करता था। ग्रामीणों ने उसी के आधार पर उसे ओझा-गुनी मानते हुए हिंसा का निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि पहले वृद्ध को उसके घर से खींचकर बाहर लाया गया, फिर उसे छत से नीचे फेंक दिया गया। इसके बाद उसे गांव से बाहर ले जाकर बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों ने शनिवार को टनकुप्पा थाने में लिखित शिकायत देकर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और छानबीन शुरू की। शव को बरामद करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार शनिवार की रात पुलिस ने वजीरगंज थाना क्षेत्र के कोल्हना गांव के पास आहर में दफनाया गया शव बरामद कर लिया।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घटना में संलिप्त तीन लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। पूछताछ जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
वजीरगंज एसडीपीओ सुनील कुमार पांडेय ने पुष्टि करते हुए बताया कि घटना ओझा-गुनी के अंधविश्वास से जुड़ी हुई है। मृतक के स्वजनों द्वारा बताए गए स्थान पर खुदाई कर शव बरामद किया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
घटना से गांव में दहशत का माहौल है। मृतक के परिजनों में मातम पसरा है और पूरे इलाके में इस अमानवीय कृत्य की चर्चा हो रही है।



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