Uttarakhand News सम्मेलन के बाद उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति से सजी दीवारों को कौन रखेगा संरक्षित?

रिपोर्टर नारायण सिंह पिथौरागढ़ उत्तराखंड
लोगो के जेहन में उठने लगे सवाल विनोद पपनै,रामनगर। जी 20 सम्मेलन में आने वाले अतिथियो के स्वागत को बेशक जगह जगह दीवारों पर अल्मोड़ा, हरिद्वार, इलाहाबाद से आये कलाकारों ने उत्तराखण्ड की लोक सँस्कृति से जुड़े विभिन्न चित्रों में विविधता के रंग भरकर बेजान दीवारों पर जान डाल दी है। इसमे कोई शक नही दीवारों पर बनाये गए चित्रों को देखकर जी सम्मेलन में आने वाले अतिथि तो अतिथि स्थानीय नागरिक ओर कार्बेट आने वाले पर्यटक भी इन तस्वीरों को देखकर मंत्रमुग्ध हुए बिना नही रहेंगे। पहाड़ का प्रसिद्ध छोलिया नृत्य हो, या उत्तराखण्ड के सुदूरवर्ती गावो में बने मकानों से झांकती महिलाएं हो, घर के बाहर हुक्का गुड़गुड़ाते बुजुर्ग हो या फिर झोड़ा नृत्य करती महिलाएं हो इन सबके चित्र दीवारों पर अंकित करते हुए आते जाते हर एक की नजर कुछ पल के लिए इन दीवारों पर टिक जाना आम बात बात है। फाइन आर्ट के कई विद्यार्थी और शोध छात्र भी बेजान दीवारों में जान डालने में लगे है। खास बात यह है कि दीवारों पर बने यह चित्र बारिश में भी खराब होने वाले नही है। मगर एक यक्ष प्रश्न स्थानीय नागरिकों मस्तिष्क में काफी समय से गूंज रहा है।
कि जी 20 सम्मेलन के बाद उत्तराखण्ड की दीवारों पर बनी लोक संस्कृति का संरक्षण करने का बीड़ा कौन उठाएगा। लोग दीवारों पर बनी इस कलाकारी को संरक्षित किये जाने की भी मांग उठाने लगे है। लोगो को आशंका है कि सम्मेलन खत्म होने के बाद पोस्टर , बैनर, रंग रोगन से लिखाई कर इन दीवारों को फिर से बदरंग करने वाले लोग भी कम नही रहेंगे। कोई तो इनके सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी अपने सिर पर ले। वरना सरकार द्वारा लाखो रुपये ब्यय करने के बाद आज दिखाई देने वाली दीवारों के बदरंग दिखाई देने में देर नही लगेगी।। सेल्फी प्वाइंट बनी दीवारें: डिग्री कालेज की दीवारों पर बन रही उत्तराखण्ड की लोक सँस्कृति की तस्वीरों के साथ सेल्फी लेने वालों की कमी नही है।
रोजाना घूमने निकलने वाले लोग इन चित्रों की सेल्फी लेने में भी पीछे नही है। हर कोई दो पल के लिए यहाँ रुक कर अपनी सेल्फी लेने में पीछे नही है। छेड़छाड़ करने वालो की खैर नही: आयुक्त कुमाऊ दीपक रावत ने कहा है कि दीवारों पर बनी पेंटिग को संरक्षित रखने की जिम्मेदारी हर जागरूक नागरिक की है। फिर भी सम्मेलन के बाद यहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। जो कोई दीवारों पर पोस्टर लगाता पाया गया। या इनके साथ छेड़छाड़ का दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लायी जाएगी। डिग्री कालेज व लोनिवि को भी इनके संरक्षण पर ध्यान रखने के निर्देश दिए जाएंगे।

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