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Madhya Pradesh News : हिंदुस्तान माइक्रोफाइनांस कंपनी आष्टा में अवैधरूप से संचालित

हिंदुस्तान माइक्रोफाइनांस का गुमास्ता तक नहीं,फिर हौसले बुलंद

रिपोर्टर विष्णु शिंदे देवास मध्य प्रदेश

पत्रकार से बात करने पर भड़के कर्मचारी,बोले तुमसे बने जो कर लो

वहीं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (Prevention of Corruption Act, 1988) की संशोधित 2018 की धारा 7 और 13(1)(d) के तहत मामला हो दर्ज

हिंदुस्तान माइक्रोफाइनांस की ब्रांच आष्टा में है। जिसका गुमास्ता तक एक्सपायर हो चुका है। उसके बावजूद भी हिंदुस्तान माइक्रोफाइनांस कंपनी के संचालक और प्रबंधक बड़े ही अनोखे तरीके से संचालित की जा रही है। हिंदुस्तान माइक्रोफाइनांस की ब्रांच से जब हमारे संवाददाता ने बात करनी चाही तो उन्होंने बताया कि की जो हिंदुस्तान माइक्रोफाइनांस कंपनी जो है। उसमें कस्टमरों से ब्याज अधिक लिया जा रहा है। दूसरी माइक्रोफाइनेंस कंपनी की तुलना में और कस्टमर के साथ धोखा भी किया जा रहा है। और जो कर्मचारी वहां पर काम करते हैं उनको भी बहुत मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। अधिकारी के कहने पर देर रात 9:00 बजे तक कस्टमर के घर पर बैठे रहते हैं। जो कही ना कहीं आरबीआई के नियम का उल्लंघन माना जाता हैं। और साथ ही कस्टमर को भी मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। वही रही दूसरी कसर भी माइक्रोफाइनेंस कंपनी बखूबी तरह से निभा रही है। जो हिंदुस्तान माइक्रोफाइनांस कंपनी आष्टा कस्टमरों से किस्त भरवाने के बाद भी उनकी सिविल डिफॉल्ट बताई जाती है। हिंदुस्तान माइक्रोफाइनांस कंपनी की मनमानी के चलते हैं। आज ग्रामीणों की सिविल खराब किया जा रही है। आज हमारा किसान कड़कती धूप में काम करता है।वही यह कंपनी लूटने का काम कर रही है। हिंदुस्तान माइक्रोफाइनांस कंपनी द्वारा जो आर.डी हर मंथ लेते हैं कंपनी वाले बताते हैं। कि इनका आपको ब्याज दिया जाएगा लेकिन ब्याज तो ब्याज दूर की बात उनका मूल भी नहीं दिया जाता है। और कंपनी बहुत अधिक ब्याज लूटने में लगी है। जो आरबीआई के नियम का उल्लंघन माना जाता है। जब हमने बड़े अपर अधिकारी से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने बताया कि आप से बने वो करो, हमारी कंपनी तो इतना ही ब्याज लेगी। हमारा कोई सरकार कुछ कर नहीं सकती है। अब देखना ये कि शासन प्रशासन अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।आज मध्य प्रदेश में मोहन सरकार जनता के हितों का कार्य कर रही हैं। और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव लाडली बहन योजना चला रहे हैं। वहीं एक तरफ लाडली बहनाओं को हिंदुस्तान माइक्रोफाइनांस कंपनी द्वारा मोटे तगड़े ब्याज पर लोन दिया जाता है। और जो आरबीआई की गाइडलाइन का उल्लंघन माना जाता है। वही माइक्रोफाइनेंस कंपनी के कस्टमरों का कहना है कि हम तो सरकार से यह मांग करते हैं की हिंदुस्तान माइक्रोफाइनांस कंपनी का लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाए और हिंदुस्तान माइक्रोफाइनांस कंपनी को सील किया जाए ताकि फर्जी काम करने वाले लोगों को एक सबक मिल सके। क्योंकि हिंदुस्तान माइक्रोफाइनांस कंपनी लाडली बहनाओं को अधिक ब्याज पर लोन दिए जा रहे हैं एक तरफ प्रधानमंत्री जी महिला शक्तिकरण योजना चला रहे हैं। वहीं एक तरफ जो हिंदुस्तान माइक्रोफाइनांस कंपनी है। वह लाडली बहनाओं को लूटने में लगी हुई है। साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (Prevention of Corruption Act, 1988) की संशोधित धारा 2018 की धारा 7 और 13(1)(d) के तहत मामला दर्ज किया जावे।

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