
रिपोर्टर अंसारी रफीक नूरी अहमदाबाद गुजरात
इस बैठक में संस्था के नाजिम आला हजरत मौलाना मोहम्मद अमीन साहब अकबरी ने संस्था के करियर रिपोर्ट और भविष्य की योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी और सामाजिक सुधार के लिए और मुद्दों पर भी आग्रह किया. आने वाली पीढ़ी के ईमान की रक्षा के लिए गांव के मदरसों की तालीम में सुधार किया जाए,छोटी उम्र से ही बच्चों के सिनेमा में अकीद अहल सुन्नत को उतारा ही जरूरी है।
समाज के बेटे-बेटियों को दोहरी जिंदगी से बचाने और ईमान की रक्षा के लिए और खासकर मौजूदा दौर में बेटियों को लव जिहाद के जाल में (मुर्तद- काफिर) बनने से बचाने के लिए सामुदायिक स्तर पर सेमिनार आयोजित करने की आवश्यकता है। इस्लाम में गाना बजाना, नाचना, नाचना (बमुश्किल) पूरी तरह से हराम है। उनकी तस्वीरें लेना और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करना बे “शर्मी” और बे “हयई” इसे युवा पीढ़ी रोकना बहुत जरूरी है
गाँव में अनजान इमाम नियुक्त करने से पहले उसका सनद (प्रमाण पत्र) और पता प्राप्त करना बहूत ही जरूरी है,ताकि समाज के अच्छे आलिम से उसका अक़ीदा (अकीद अहल सुन्नत) का पता लगाया जा सके। इसके अलावा समाज के सुधार के लिए महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान लेजाया गया। साथ ही इस सभा में हज़रत मौलाना इस्माइल साहब अकबरी ने क़ुरआनी हदीस की रोशनी में इल्मे दीन की खूबियों पर बहुत अच्छा बयान दिया और मौलाना ज़ैनुल आबेदीन साहब ने बच्चों की शिक्षा के बारे में और हज़रत मौलाना सैयद इकबाल बापू ने सेवा और संस्था की प्रगति का आदेश दिया,वहीं इदरीसभाई मॉडर्न स्कूल के ट्रस्टी ने जिस गांव में ट्रस्ट नहीं है वहां रजिस्ट्रेशन कराने और सभी धार्मिक/सामाजिक स्थलों को ट्रस्ट को ट्रांसफर करने की जानकारी दी. अंत में सलात सलाम व दुआ के साथ बैठक का समापन किया गया। दारुल उलूम गौशे समदानी, एम.पिपलयराज.टी.वाकानेर.जी.मोरबी


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