
रिपोर्टर बलदेव कक्कड़ मनसा पंजाब
प्रकृति और मानव केंद्रित जन आंदोलन पंजाब और कृषि और किसान विकास मोर्चा पंजाब की राज्य समितियों के स्थानीय नेताओं जुगराज सिंह रल्ला और मंजीत मान मंडी कलां ने एक संयुक्त बयान में कहा कि इस तथ्य के कारण कि भारत का कृषि और जलवायु संकट दोनों संगठनों द्वारा अपनी चरम सीमाओं की ओर बढ़ रहा है। 18-19 मार्च, 2023 भविष्य के खाद्य संकटों के खिलाफ किसानों और आम लोगों को लामबंद करने के उद्देश्य से और “(I) वैश्विक भूख, कुपोषण और कुपोषण पर एक जन/किसान आंदोलन का निर्माण करना। जलवायु परिवर्तन और कृषि संकट के परिणाम खाद्य असुरक्षा (ii) इसका मुख्य कारण केंद्र और राज्य सरकारों की प्रकृति विरोधी और किसान विरोधी नीतियां हैं (iii) किसानों को सशक्त बनाना और पर्यावरण के अनुकूल सहकारी प्राकृतिक खेती एक प्रभावी और व्यावहारिक समाधान हो सकता है।” कार्यसूची
अकाल कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन, गुरुद्वारा गुरुसागर मस्तुआना साहिब, संगरूर के हॉल में।
अखिल भारतीय सम्मेलन हो रहा है। इस सम्मेलन की बैठक में प्रसिद्ध वैज्ञानिक श्री सागर धारा (संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के पूर्व वैज्ञानिक), डॉ. सुधींद्र शेषाद्री (सेवानिवृत्त प्रोफेसर, मैरीलैंड विश्वविद्यालय, यूएसए; आईआईएम, बैंगलोर; इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद; सिंगापुर विश्वविद्यालय) और डॉ. रूपा माधव (प्रोफेसर, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली) विशिष्ट अतिथि हैं। नेताओं ने कहा कि उक्त वैज्ञानिकों/कृषि विशेषज्ञों के अलावा पंजाब के कृषि संकट के प्रशासनिक और पर्यावरणीय पहलुओं पर चर्चा करने और एक आम राय बनाने के लिए किसान नेताओं को भी निमंत्रण पत्र भेजे जा रहे हैं। उन्होंने व्यक्त किया कि सभी किसान नेता अपने सामूहिक हितों से ऊपर उठकर मानवीय समाज के जीवन-मरण के प्रश्न से सीधे जुड़े उक्त एजेंडों पर संवेदनशीलता से विचार कर इस सम्मेलन में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में आने वाले अतिथियों/किसान नेताओं के रहने व खाने की व्यवस्था उक्त संस्थाओं द्वारा गुरुद्वारा साहिब कमेटी के प्रबंधन के सहयोग से की जायेगी.

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