Jharkhand News भू-धसान के बीच फलता रहा अवैध कोयला कारोबार, अंगारपथरा पहुंचीं विधायक रागिनी सिंह ने जताई नाराज

ब्यूरो चीफ मिथिलेश पांडे धनबाद झारखण्ड
“चोर आया, कोयला काटा और चला गया…” — भू-धसान क्षेत्र में अवैध खनन पर भड़कीं विधायक रागिनी सिंह
भू-धसान से दहशत में लोग, पास में जमा मिली हजारों बोरी कोयला; सिस्टम पर उठे सवाल
सीआईएसएफ कैंप से चंद कदम दूर चलता रहा अवैध कोयला खेल, विधायक ने जीएम को लगाई फटकार
कांटा पहाड़ी बना ‘खतरे की बस्ती’, भू-धसान और अवैध खनन पर विधानसभा में उठेगा मुद्दा
बाघमारा: धनबाद जिले के बीसीसीएल कतरास क्षेत्र संख्या-4 अंतर्गत अंगारपथरा ओपी क्षेत्र के कांटा पहाड़ी में हुई भयावह भू-धसान घटना के बाद भी अवैध कोयला कारोबार बेरोकटोक जारी रहने का मामला सामने आया है। बुधवार को झरिया विधायक रागिनी सिंह प्रभावित इलाके का जायजा लेने पहुंचीं, जहां हालात देखकर उन्होंने प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े किए।
निरीक्षण के दौरान इलाके की भयावह तस्वीर सामने आई। एक ओर जमीन धंसने से लोगों में दहशत का माहौल था, वहीं दूसरी ओर दरारों में तब्दील होते घरों के बीच खुलेआम अवैध कोयला उत्खनन और कारोबार जारी था। स्थानीय लोगों ने विधायक को बताया कि रात-दिन अवैध खनन चलता रहा, लेकिन पुलिस और सीआईएसएफ की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा— “चोर आया… कोयला काटा… और चला गया… पुलिस और CISF आई ही नहीं…”
इसी दौरान विधायक की नजर कथित अवैध उत्खनन स्थल पर रखी सैकड़ों बोरी कोयले पर पड़ी। बताया जा रहा है कि यह स्थल सीआईएसएफ अंगारपथरा कैंप से महज कुछ ही दूरी पर स्थित है। ऐसे में इतने बड़े पैमाने पर कोयले का जमा होना सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
मौके पर ही विधायक रागिनी सिंह ने एरिया-4 के जीएम को फोन कर जमकर फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिया कि अवैध स्थल पर रखी सभी कोयला बोरियों को तत्काल हटाया जाए, अन्यथा वह स्वयं मौके पर धरने पर बैठेंगी।
विधायक ने कहा कि कांटा पहाड़ी अब पूरी तरह “खतरे की बस्ती” बन चुकी है। कई घरों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं और लोग हर पल भय के साए में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध उत्खनन, प्रशासनिक लापरवाही और जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी ने पूरे इलाके को मौत के मुहाने पर पहुंचा दिया है।
उन्होंने मांग की कि भू-धसान से प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि बाघमारा क्षेत्र में लगातार हो रही भू-धसान की घटनाओं और अवैध खनन के मुद्दे को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि — भू-धसान जैसी गंभीर घटनाओं के बाद भी अगर अवैध खनन नहीं रुका, अगर हजारों बोरी कोयला खुलेआम जमा होता रहा, तो आखिर इस पूरे खेल के लिए जिम्मेदार कौन है?




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