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Chhattisgarh News सड़कों में जानवरों का आतंक मचा हुआ है गोठान खाली पड़ा हुआ है एवं खेती किसानी नुकसान हो रहा है।

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा। सड़कों पर आतंक जमा हुआ है जानवरों के द्वारा सड़कों पर बैठे रहते हैं पशुपालक एवं चरवाहे भी निठल्ले हो गए हैं एवं सड़कों पर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं मवेशी साथ ही साथ आदमी को भी नुकसान हो रहा है जिन सड़कों से गुजर रहे हैं जानवरों से टकराते हैं मर जाते हैं पशु भी मर जाता है मगर उस स्थान के सरपंच नगर पंचायत अध्यक्ष नगर पालिका अध्यक्ष नगर निगम के महापौर इस सड़कों पर बैठे हुए जानवरों को हटाने का काम नहीं कर रहे हैं बस उनका कमीशन से मतलब है जितने भी गोठान बने हुए हैं कांग्रेस सरकार के समय की बनी हुई है जिसे वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार गौअभयारण्य के रूप में दर्जा दे रही है मगर उन अभयारण्यों में जानवर नहीं रहते खास बात तो यह है कि उन स्थानों पर चार की व्यवस्था नहीं पानी की व्यवस्था नहीं सेड की व्यवस्था नहीं क्योंकि पूर्व में जो योजना चलाई थी उन राशियों का दुरुपयोग किया गया था जिसके चलते वर्तमान सरकार जो अभयारण्य बनाई हुई है उसकी भी व्यवस्था कर पाने में नाकामयाब हो रही है क्योंकि सड़कों पर जानवर का आतंक फैला हुआ है तो क्या पद में रहने वाले पालिका अध्यक्ष पंचायत अध्यक्ष सरपंच क्या कर पाएंगे उनका कहना सिर्फ यही है कि राज्य शासन द्वारा हमें पैसा नहीं दिया जा रहा है तो हम सड़कों पर जो बैठी जानवर है उसको हम कहां पर रखेंगे क्योंकि हमें पैसा नहीं मिला है यही जवाब मिल रहा है आखिर में जानवर और मनुष्य दुर्घटना का शिकार होते जा रहे हैं अधिकांश दुर्घटना तो जानवरों की वजह से होता है क्योंकि इधर से उधर भागते रहते हैं जानवर और रास्ते में चलने वाले मोटरसाइकिल वाले बस चलाने वाले ड्राइवर ट्रक चलाने वाले ड्राइवर कर चलने वाले ड्राइवर जानवरों से टकरा जाते हैं और साथ ही साथ दोनों नुकसान में हो जाती है आज यह स्थिति है कि वर्तमान जानवरों ने आतंक मचा रखा है खेती खलिहानों में क्योंकि जो किसान धान हो चुके हैं फसल हर दिख रहा है उसे हर स्थान पर जाकर उन फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं मगर जानवरों को रखने के अभयारण्य में जानवर नहीं रहते यह विडंबना है।

जानवरों से टकराकर बच गए थे हमारे संवाददाता जिस गांव में हमारे संवाददाता रहते हैं उसे गांव में रास्ते पर जा रहे थे तो मवेशी से टकरा गए जो बाल बाल बच गए इसी तरह से दुर्घटना के शिकार होते जा रहे हैं मनुष्य मगर संबंधित क्षेत्र के लोगों के द्वारा नुकसान ही नुकसान किया जा रहा है संबंधित गोठान के समिति वाले इस और ध्यान नहीं दे रहे हैं की जानवरों को रखने वाले स्थान पर रखा जाए।

यह भी है कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय है कि जानवर सड़कों पर नजर आती है तो तत्काल संबंधित क्षेत्र के सरपंच नगर पालिका अध्यक्ष नगर पंचायत अध्यक्ष संबंधित क्षेत्र के मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पंचायत अधिकारी संबंधित निगम आयुक्त जिम्मेदार रहेंगे दुर्घटना के शिकार होते हैं मनुष्य एवं जानवर तो मगर इसका पालन करने वाला कोई नहीं है।

जिस रास्ते से अगर जज जाति आते हैं तो उसे एरिया को कलेक्टर जानवरों को हटा लेता है मगर पुनः वही जानवर सड़कों पर आकर आतंक मचाते हैं कुछ जिम्मेदार तो कलेक्टर एवं जिला प्रशासन की रहती है क्योंकि कलेक्टर में होता है जिले का जो कि जिले की सड़कों की शुध नहीं लेता।

जानवरों को रखने वाले स्थान पर रखा जाए अन्यथा जानवरों को सीधा घने जंगलों में छोड़ा जाएगा।

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