
रिपोर्टर दीपक कुमार मुज़फ़्फ़रपुर बिहार
पद एवम् गोपनीयता से किय गय थे खिलवाड़। मध निषेध उत्पाद एवम् निबन्ध विभाग के अपर मुख्य सचिव पद पर तैनात है श्री के के पाठक। माफिया और दलाल की साजिश की भी होगी जांच ताकि दोनों निलंबित अधिकारी की गतिविधि की हो जानकारी ।
मुज़फ़्फ़रपुर । बिहार में मशहूर अपने कार्य से सरकार का मान सम्मान बढ़ाने वाले एवम् जनता की अरमान पूरा कर हृदय मेे बसने वाले आई एस अधिकारी श्री के के पाठक का महत्वपूर्ण बैठक का वीडियो एडिटिंग कर अपने कमी को छुपाने में वायरल करने के आरोप मेे पकड़ीदयाल के निबन्ध क अधिकारी अहमद हुसैन और बाबू बरही के निबन्धक अधिकारी प्रणव शेखर को निलंबित कर दिया गया है ,इस मामले में गम्भीरता से जाच कर उचित करवाई के लिए मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार मुख्य सचिव श्री आमिर शुबहानी को कहा था ,इस पर गम्भीरता से जांच किय जाने के पश्चात यह करवाई किय गय है ,इसके अलावा बिहार के आर्थिक अपराध इकाई शाखा में भी इस मामले में पूर्व में करवाई के लिए प्राथमिकी दर्ज कराए गय है।
श्री पाठक बिहार सरकार के महत्पूर्ण कल्याणकारी योजना शराब बन्दी अभियान का कमान सम्भाल रहे है ,इनके नाम से ही कारोबारी समेत भ्रष्ट कामचोर अधिकारी एवम् पदाधिकारी में खौफ रहता है ,जिस विभाग का कमान श्री पाठक ने अब तक संभाला है उस विभाग को सुधार कर ही दम लिए है ,बिहार के योग्य अधिकारी में इनका नाम आता है । आम जनता इन पर काफी भरोसा करती है । निलंबित दोनों अधिकारी में अहमद हुसैन का मुख्यालय बांका कार्यलय तो प्रणव शेखर का मुख्यालय जमुई रखा गया है, इन दोनों के इस खुराफात के कारण इन पर विभागीय कार्रवाई भी होना तय है।
बताया गया है कि यह दोनों अपने कार्य में भी लापरवाही बरतते थे, यह दोनों विभाग द्वारा जारी आदेश का पालन भी नहीं करते थे, सकार का जारी कार्य प्रणाली का अवहेलना करते थे ,अपनी कमी छिपाने में इन दोनों अधिकारी ने योजना ब्द्ध यह हरकत किय है जिससे श्री पाठक को हटाए जाए , और इन्हीं मनमानी चलती रहे,श्री पाठक ईमानदार करक साहसी कार्य करने वाले और कार्य कराने वाले अधिकारी है । अधिकारी इन दोनों के गतिविधि भी जांच करेगी कि माफिया दलाल के सेटिंग से तो नहीं यह खुराफात किय गय थे । अब इन दोनों अधिकारी का मुश्किल और बढ़ सकता है ।



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