
रिपोर्टर अंकित शर्मा सीकर राजस्थान
सीकर एसीबी ने पूरी रात की कार्रवाई
सीकर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने सोमवार रात को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते तीन वकीलों को गिरफ्तार किया है। तीनों ने पाटन थाने में दर्ज मुकदमे को रफा दफा करने की एवज में थानाधिकारी व रीडर के नाम से एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। 70 हजार रुपए में सौदा तय होने पर आरोपियों ने 20 हज़ार रुपए सत्यापन के दौरान ले लिए। 50 हजार रुपए सोमवार रात को कृषि उपज मंडी के पास लेते हुए एसीबी टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। डीएसपी राजेश जागिड़ ने बताया कि आरोपी जिले का मदनी निवासी सागरमल मीणा, दांतारामगढ़ का विनायकपुरी निवासी उज्जवल खोखर और अनाथला निवासी बजरंगलाल है। सीकर कोर्ट के तीनों वकीलों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया।
15 को मिली शिकायत पहले दिन लिए 10000
डीएसपी ने बताया कि 15 फरवरी को परिवादी ने एसीबी में शिकायत देकर बताया कि उसके खिलाफ पत्नी ने पाटन थाने में मुकदमा दर्ज करवा रखा है। इसे रफा-दफा करने की एवज में वकील सागरमल थानाधिकारी राजेश कुमार के नाम पर एक लाख रुपए की रिश्वत मांग रहा है। इस पर मामले का सत्यापन करवाया गया। 70 हजार पर सहमति बनने पर सागरमल ने 10 हजार उसी दिन तथा दस हजार रुपए 16 फरवरी को लिए बाकी 50 हजार रुपए सोमवार को देना तय हुआ जो घर पर लेते हुए ही सागरमल को रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
एसएचओ व रीडर की भूमिका की होगी जांच
रिश्वत के मामले में एसीबी ने रातोरात एक के बाद एक तीन वकील पकड़े। डीएसपी ने बताया कि कृषि उपजमंडी के पास रुपए सागरमल ने लिए इन्हें उज्जवल गिनकर ले जाने लगा। उसी समय दोनों को पकड़ लिया गया। उनसे एसीबी की टीम ने पूछताछ की तो उन्होंने पाटन थानाधिकारी राजेश कुमार व रीडर के लिए रुपए लेने की बात कही। इसमें वकील बजरंगलाल को उनके बीच मध्यस्थ होना बताया बजरंगलाल से फोन पर बात करवाने पर उसकी पुष्टि होने पर उसे भी देर रात गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार अल सुबह चार बजे पुलिस थाने से पत्रावली भी जब्त कर ली गई। डीएसपी ने बताया कि मामले में पाटन एसएचओ राजेश कुमार व रीडर की भूमिका की जांच की जा रही है।


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