Madhya Pradesh News सड़क सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित,भोपाल से पहुंचे ए.आई.जी. पी.टी. आर.आई. मनोज कुमार राय

रिपोर्टर जमना प्रसाद चौबे दमोह मध्य प्रदेश
दमोह. यातायात व्यवस्था को दुरुस्त बनाने के लिए एक सेमिनार स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित किया गया. जिसमें भोपाल से आए ए.आई.जी. पी.टी.आर.आई. ने पुलिस अधिकारियों को टिप्स एवं निर्देश दिए. इस अवसर पर दमोह पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश कुमार सिंह की उपस्थिति में स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त बनाने संबंधी एक सेमिनार आयोजित किया गया. जिसमें भोपाल से आए एआईजी. पीटी आरआई मनोज कुमार राय ने अधिकारियों को ट्रैफिक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक निर्देश दिए. साथ ही बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार सिंह, सीएसपी इंचार्ज भावना दांगी, आरआई संजय सूर्यवंशी, थाना प्रभारी यातायात दीपक खत्री, थाना प्रभारी कोतवाली विजय सिंह राजपूत, थाना प्रभारी दमोह देहात अमित मिश्रा, चौकी प्रभारी जबलपुर नाका रामअवतार पांडे, चौकी प्रभारी सागर नाका गरिमा मिश्रा से लेकर जिले भर थानों से आए पुलिस विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे.उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को बताया कि कैसे ट्रैफिक नियमों के साथ सड़क हादसे क्यों हो रहे है, कैसे हो रहे हैं ?

किस तरह की गलतियां लोग करते हैं. सबसे ज्यादा सड़क हादसे हिंडोरिया, बंडी टेक, आनु फाटक आदि जगहों पर क्यों हो रहे? कैसे सड़क हादसे से बचना है, इन सभी विषयों पर चर्चा की. उन्होंने जानकारी दी कि आप सोशल मीडिया के माध्यम से कैंपेन चला सकते हैं. स्कूलों में जाकर विशेषकर दसवीं तक के छात्रों को आप ट्रैफिक नियमों के बारे में बताएं. उन्हें कैसे चलना है किस तरह दुर्घटना से बचना है. इसकी जानकारी दें ताकि वह और उनका परिवार सुरक्षित रह सके. क्योंकि कम उम्र के बच्चे सुनकर और देख कर जिस चीज को आत्मसात करते हैं वह बात जीवन भर उनके चित्त पर अंकित हो जाती है. ए.आई.जी. पी.टी.आर.आई. भोपाल ने कहा श्री राय ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा की 2021 में सड़क दुर्घटना से मरने वाले लोगों की संख्या करीब 200 थी, जबकि हत्या के मामलों में मरने वालों की कुल संख्या 37 थी. यह आंकड़े हमें बताते हैं की हमें यातायात को दुरुस्त बनाने और उसमें सुधार की जरूरत है. श्री राय ने कहा की बुंदेलखंड के यह आंकड़े चिंताजनक हैं. मुख्यमंत्री खुद ही इस बात पर जोर दे चुके हैं की सड़क दुर्घटनाएं कम से कम हो. लोगों को जागरूक किया जाए, लोग हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें. सरकार ने गुड समेरिटन नियम बनाया है, जिसमें जो लोग दुर्घटना की तुरंत जानकारी पुलिस को देकर घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराते हैं उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप 5000 रूपये की राशि से सम्मानित किया जाता है. इसलिए यह आवश्यक है कि लोग यातायात के नियमों का अनुपालन करें.




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