Uttar Pradesh News प्रभुश्रीराम के हाथों शिव धनुष भंग होते ही महोत्सव पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा,हर्ष उल्लास से पुष्पवर्षा के साथ श्रीरामसीता स्वमवर सम्पन्न हुआ।
लक्ष्मण-परशुराम संवाद का मंचन देखकर श्रोता भोर होने तक रोमांचित बने रहे।

ब्यूरो चीफ सागर कुमार इटावा उत्तर प्रदेश
नगर के मिडिल स्कूल मैदान में श्रीरामलीला महोत्सव के दौरान मंगलवार की रात को हुए मंचन के दौरान सजाए गए सीता स्वमवर की लीला में लंकाधिपति रावण समेत कई देशों के राजाओं द्वारा शिव धनुष भंग नही होने पर राजा जनक द्वारा जानकी की विवाह की चिंता में करुणामयी विलाप सुनकर मौजूद श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया खासकर मार्मिक विलाप सुनकर महिलाओं की आंखों में आंसू छलकते रहे। राजा जनक की विलाप के बाद गुरु की आज्ञा पर प्रभु श्रीराम द्वारा शिव धनुष उठाकर भंग करते ही समूचा पंडला तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और पुष्प वर्षा के बीच सीता ने प्रभुश्रीराम को वरमाला पहनाई। शिव धनुष भंग होने की गर्जना सुनकर आक्रोश से लबरेज पर परशुराम ने पहुँच गए और भगवान शिव के धनुष को भंग करने वाले को ललकार लगाई जिस पर प्रभु श्रीराम के भाई लक्ष्मण सामने आ गए और दोनों में घंटो में शास्त्र पर आधारित रोमांचकारी वाक युद्ध हुआ। इससे पहले रावण-वाणासुर के बीच वाकयुद्ध की लीला हुई।लीलाओं का रोचक मंचन देखने को बड़ी संख्या में श्रोता बुधवार की अल सुबह तक महोत्सव पंडाल में जमे रहे। इस दौरान कमेटी वरिष्ठ संरक्षक हरिओम यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज यादव बंटी,सत्य प्रकाश यादव राजा, विपिन यादव, अध्यक्ष केके यादव, महामंत्री अजय गब्बू तिवारी,कोषाध्यक्ष गणेश कौशल, डॉ सुनील बाजपेयी, प्रताप यादव,अरविंद दुबे, आदि मौजूद रहे।



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