मध्यप्रदेश

Madhya Pradesh News हिंदी दिवस पर पुस्तकालय मे प्रधानमंत्री से राष्ट्र भाषा की माग् मातृ भाषा मे सभी को आत्मसार् करने की शक्ति

रिपोर्टर पवन कुमार गुप्ता ग्वालियर मध्य प्रदेश

राष्ट्रभाषा हिंदी और भारतीय संस्कृति में सभी को आत्मसात करने की शक्ति है भारत में आने वाले सभी समुदाय और जाति को चाहे वह आक्रामक करने वाली शासक अथवा आश्रय लेने वाली ल्हो इसने अपने आप में आत्मसात किए हैं जिसे बुंदेलखंड की बोली और ब्रजभाषा के गहोई सूर्य राष्ट्र कवि गुप्त जी एवं गद्य साहित्य के चंद्रमा संत कवि सिया शरण गुप्त जी स्वतंत्रता संग्राम में आजादी की आवाज उठाने वाले महासभा के संस्थापक श्री नाथूराम जी रेजा ने भारतीय संस्कृति और मातृभाषा हिंदी बढ़ाने में योगदान से दिखाई आज महासभा को और देश भर के गहोई बंधु को भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी *का 17 सितंबर को अपने जन्म दिवस पर हिंदी को राष्ट्रभाषा *घोषित को अपनी सौगात घोषणाके लिए पत्र लिखना चाहिए उक्त विचार


आज हिंदी दिवस के अवसर पर डॉक्टर राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त पुस्तकालय एवं शोध संस्थान पर कोई वैश्य महिला मंडल ग्रेटर ग्वालियर द्वारा आयोजित परी संवाद शुभारंभ करते हुए अध्यक्ष श्रीमती रानी सेठ ने कही
इस अवसर पर प्रकाश डालते हुए महामंत्री लता नीखरा ने अपने पिता एवं भाई की हिंदी सेवा से अवगत कराया
हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए गुप्त जी ने संसद में दो बार आवाज उठाई
पूनम पहारिया बेबी रेजा नीतू गंधी अलका पहारिया प्रीति निगोती अलका नौगरैया कामिनी कनकने शिल्पी नीखरा सुमन सोनी
ने अपने विचार व्यक्त किया

रानी सेठ लता निखरा

समस्त महिला मंडल ग्रेटर ग्वालियर

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