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Madhya Pradesh News आरएसएस ने मनाया अखंड भारत संकल्प दिवस, 14 अगस्त को सभी महाविद्यालय छात्रों ने लिया संकल्प

रिपोर्टर दीपक गाडरे छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश

छिंदवाड़ा   राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) महाविद्यालय विद्यार्थी कार्यविभाग द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले 14 अगस्त को अखंड भारत संकल्प दिवस मनाया गया। जिले में लगने वाली शाखाओं में जहां कार्यकर्ता अखंड भारत का संकल्प लिया , वहीं जिले भर की महाविद्यालय इकाइयों की ओर से अनेको कार्यक्रम आयोजित किये गए। व वक्ताओं द्वारा अखंड भारत के सपने को साकार करने पर चर्चा की गई . विभिन्न वक्ताओ द्वारा कहा गया की 15 अगस्त को हमें आजादी जरूर मिली, मगर मातृभूमि के विभाजन का गहरा घाव भी सहना पड़ा है. आरएसएस का यह भी मानना है कि अखंडता का मार्ग सांस्कृतिक है, न कि सैन्य कार्रवाई. भारत की अखंडता का आधार भूगोल से ज्यादा संस्कृति और इतिहास है। हमारा इतिहास आज के भारत में ही नहीं वरन अफगानिस्तान से लेकर कम्बोडिया लाओस, व तिब्बत भूटान से लेकर श्रीलंका तक फैला है। हिन्दू धर्म व बौद्ध धर्मं के मंदिर अफगानिस्तान, कम्बोडिया तिब्बत यहाँ तक की चीन और जापान में भी मिलते हैं। शारदा पीठ और हिंगलाज माता का मंदिर पकिस्तान में है। कम्बोडिया में अंकोर वाट का विश्व का सबसे बड़ा मंदिर है। ढाकेश्वरी माता का मंदिर बांग्लादेश के ढाका में है। भगवान शंकर का कैलाश पर्वत और मानसरोवर भी आज चीन का हिस्सा है। प्रमाण हर जगह हैं। ज़रूरत है तो सिर्फ आँखे खोलने की।. 1876 में अफगानिस्तान, 1904 में नेपाल, 1906 में भूटान, 1914 में तिब्बत, 1935 में श्रीलंका, 1937 में म्यामार और फिर 1947 में पाकिस्तान हमसे अलग हुआ। हमारे पूर्व के नेताओं की कुछ ऐतिहासिक भूलों की वजह से विभाजन के समय पाक अधिकृत कश्मीर और 1962 में अक्साई चीन हमारे दुश्मन देशों के कब्ज़े में चला गया। उन्होंने आगे कहा अखंड भारत कोई असम्भव स्वप्न नहीं है। खंडित देशों के पुनः अखंड होने के कई उदहारण हैं। जर्मनी, वियतनाम आदि देश हाल में ही एक हुए हैं। इजराइल जैसा देश अठारह सौ साल की लम्बी लड़ाई के बाद अपनी मातृभूमि पा सका और आज चारों तरफ दुश्मनों से घिरा होने के बाद भी सीना ताने खड़ा है। देश तो बनते और टूटते हैं लेकिन राष्ट्र कभी टूटता नहीं है। भले ही हमारी राजनीतिक इकाइयां अलग—अलग हों लेकिन सांस्कृतिक एकता अक्षुष्ण रहनी चाहिए। हमारी अखंडता का मार्ग सांस्कृतिक है। और यही अखंड भारत की संकल्पना है। अखंड भारत संकल्प दिवस के अवसर पर भारत माता पूजन व आरती कार्यक्रम भी अनेको जगह रखा गया इस अवसर पर अनेको जगह अनेक कार्यकर्त्ता उपस्तिथ रहे।

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