Chhattisgarh News सतनामी समाज बहुल हर विकासखंड में मॉडल जैतखाम बनेगा। राजधानी के शहीद स्मारक भवन में मिनीमाता स्मृति दिवस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह घोषणा की।

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
उन्होंने छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद मिनीमाता को लेकर कहा कि शोषण, भेदभाव, अत्याचार से मुक्त और समतामूलक समाज के निर्माण में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री बघेल ने मंच से बताया कि 1952 से 1972 तक सारंगढ़, महासमुंद तथा जांजगीर से वे सांसद रहीं। इस दौरान वे समाज की उन्नति के साथ- साथ पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए काम करती रहीं। जिन बुराइयों और विसंगतियों को वे बचपन से देखती आई थीं, उन्हें मिटाने के लिए अब उनके पास लोकतंत्र और संविधान की ताकत भी थी। छुआछूत, नारी-उत्थान, श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में मिनीमाता ने अद्वितीय काम किए। लोक सभा में अस्पृश्यता निवारण विधेयक पारित कराने में मिनी माता के योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकेगा। सीएम ने कहा कि पौने 5 साल से कांग्रेस सरकार हमारी पुरखिन मिनीमाता और हमारे तमाम पुरखों के सपनों के छत्तीसगढ़ का निर्माण करने की दिशा में काम कर रही है। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा कि मिनीमाता का पूरा जीवन समाज के शोषित तथा वंचित लोगों की भलाई के लिए समर्पित रहा। इस अवसर पर राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. महंत रामसुंदर दास, अकादमी के अध्यक्ष केपी खांडे, संरक्षक शकुन डहरिया एवं समाज के लोग उपस्थित थे। सामाजिक उत्थान के लिए 11 महिलाओं का सम्मान मुख्यमंत्री ने सामाजिक उत्थान के लिए काम करने वाली सतनामी समाज की 11 महिलाओं को सम्मानित भी किया। साथ ही गुरू घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के नवनिर्वाचित सदस्यों को पद एवं कर्तव्य निष्ठा की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने अकादमी के साहित्य प्रकाशन का विमोचन !

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