Madhya Pradesh News मीडिया की सुर्खियों में बालू रेत के स्टॉक पर ओवरलोड खनन परिवहन फिर भी कार्यवाही शून्य
प्रशासन की मिलीभगत से जारी है अवैध खनन परिवहन जिम्मेदार प्रशासन बने तमाशबीन

रिपोर्टर जाहिद अजमेरी आर खरगोन मध्य प्रदेश
कसरावद क्षेत्र छोटी कसरावद में बालू रेत ठेकेदार द्वारा 80 हजार घन मीटर स्टॉक किया गया था । जिसकी प्रशासन की ओर से नहीं हुई है रॉयल्टी इसके बाद भी जहां भ्रस्टाचार पर अंकुश लगाने और माफियाओ पर तुरत कार्यवाही में किसी तरह के हस्तक्षेप पर पावंदी लगाते हुए मध्य प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियो को कार्यवाही के लिए खुली छूट दे रखी है । लेकिन खरगोन जिले की तहसील कसरावद में जिम्मेदारों की खाउ कमाऊ नीति के चलते ग्राम पंचायत छोटी कसरावद में रेत का स्टॉक किया गया था इस स्टॉक से करीब 6 सप्ताह से चल भारी पैमाने पर अवैध खनन पर कारवाही ना करना प्रशासन से जुगलबंदी या राजनीति दबाव का स्वप्न प्रतीत होने लगा है। मीडिया की सुर्खियां खरगोन प्रशासन बालू रेत खनन पर अब तक जिम्मेदार रोक लगाने में नाकाम साबित हो रहे है। बताते चले कि ग्राम पंचायत छोटी कसरावद बालू रेत के स्टॉक से खरगोन जिले के बालू रेत ठेकेदार के द्वारा प्रतिदिन करीब 20 से 25 डंपर पोकलेन मशीन से भरे जाते हैं। क्षेत्रीय किसानों को चंद रुपयो का लालच देकर कृषि योग्य भूमि को रेत स्टार्ट के लिए ले लिया गया है। प्रशासन ने कृषि योग्य भूमि पर स्टॉक की अनुमति किस स्तर पर दे रखी है।
स्टाफ से ओवरलोड की भी प्रशासन ने खनन माफियाओं को दे रखी है । रेत खनन माफियाओं की ऊंची पहुंच और रसूख के आगे बेबस और भय भीत है। आलम यह है रेत माफियाओं के डर से कोई भी शिकायत करने का साहस नही जुटा पा रहा है। फिर भी कुछ मीडिया कर्मियों द्वारा जिला कलेक्टर को इसके वीडियो फोटो भेजें कर शिकायत दर्ज करवाई लेकिन माइनिंग अधिकारी व खनिज स्पेक्टर अधिकारी कसरावद क्षेत्र में खनन पर रोक लगाने में नाकाम साबित हुए। जिससे खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हो गए और खनन माफिया शिकायत कर्ताओं पर हमले तक पर उतारू है । फिर भी जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए प्रशासन बना तमाशबीन है। अधिकारियो की खामोशी जहां शिकायत कर्ताओं की जान की दुश्मन बन बैठी है। बालू रेत के परिवहन से बेशक भृष्टाचारियो की जेबें गर्म हो रही है लेकिन राजस्व को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है।


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