Madhya Pradesh News सुने घर में चोरों ने किया हाथ साफ। नगदी और ज्वेलरी के साथ घर में रखे गेंहू और सोयाबीन भी ले उड़े।

रिपोर्टर आशिक अली उज्जैन मध्य प्रदेश
उज्जैन जिले के कायथा थानांतर्गत ग्राम उपड़ी में दिनांक 07 और 08 अगस्त की मध्य रात्रि को अज्ञात चोरों ने माया पिता स्वर्गीय रामचंद्र प्रजापति के घर को निशाना बनाया। जिसमें चोर 5 हजार रुपए नगद, सोने और चांदी के आभूषण के साथ घर में रखे लगभग 5 क्विंटल सोयाबीन और 15 क्विंटल गेंहू भी ले गए। घटना के वक्त माया प्रजापति अपनी छोटी बहन के पति की मृत्यु होने पर उनके उत्तरोत्तर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देवास जिले के गांव खुंटखेड़ा गई हुई थी। माया अपने बच्चों के साथ घर में अकेली रहती है। उपडी में उनका मायका है। 4 साल पहले उनका तलाक हो गया है और पूर्व में उनके माता पिता का भी देहांत हो चुका है। कितनी अजीब बात है कि इतनी बड़ी घटना घटित हुई लेकिन किसी को कानों कान खबर तक नहीं लगी। माया के घर शौचालय का काम चल रहा है। जिसका काम उनकी बुआ का लड़का दीपक कर रहा है। जब वह 8 तारीख की सुबह काम करने के लिए गया तो उसने देखा कि घर का ताला टूटा हुआ है। जब उसने दरवाजा खोलकर देखा तो सारा सामान अस्त व्यस्त पड़ा हुआ है। गेंहू का बड़ा वाला बोरा फटा हुआ है। इसकी जानकारी दीपक के द्वारा फोन से माया को दी गई। सूचना मिलने पर माया अपने घर पहुंची। इसके बाद आवेदन देकर कायथा थाना को घटना के बारे में सूचित किया गया। इसके उपरांत कायथा थाना प्रभारी श्रीमती लीला सोलंकी द्वारा बीट प्रभारी प्रधान आरक्षक वीरेंद्र द्विवेदी को मौके का मुआयना करने के लिए भेजा गया। घटना स्थल पर पंचनामा बनाकर पीढ़ित के बयान दर्ज किए गए तथा आरोपियों को जल्द पकड़ने का आश्वासन दिया गया।
गांव के सचिन पटेल जो की सीआरपीएफ में पदस्थ है उनके द्वारा उक्त घटना के विषय में थाना प्रभारी महोदया से बात कर आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष योजना बनाकर कार्य करने हेतु निवेदन किया गया। जिस पर थाना प्रभारी महोदया ने उक्त घटना पर गंभीरता से कार्य करने की बात कही। इस घटना की जानकारी क्षेत्रीय विधायक महेश परमार को मिलने पर उन्होंने पीढ़ित माया प्रजापति से फोन के माध्यम से चर्चा कर उक्त घटना पर शौक व्यक्त करते हुए उचित सहायता मुहैया कराने का आश्वासन दिया और जल्द ही गांव आकार मिलने की बात कही। पुलिस द्वारा ग्रामीणों से भी मामले में मदद करने की अपील की है ताकि जल्द से जल्द पहचान कर आरोपियों को हिरासत में लेकर कठोर दण्ड दिया जा सके। सचिन पटेल द्वारा बताया गया कि गांव से पुलिस थाने की दूरी लगभग 20 किमी होने के कारण पुलिस का क्षैत्र में ज्यादा परिचालन नहीं होने से अपराधियों के हौसले बुलंद है। जिसके कारण वो आए दिन इस प्रकार की छोटी बड़ी घटनाओं को अंजाम देते रहते है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि गांव में पुलिस बूथ की स्थापना कर स्टॉफ की तैनाती की जानी चाहिए ताकि इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।

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