Madhya Pradesh News रतलाम जिले के तमाम आदिवासियों ने मनाया आज 9 अगस्त का बिरसा मुंडा त्योहार ।

रिपोर्टर दौलत राम पाटीदार जिला रतलाम मध्य प्रदेश
आदिवासी लोगों का अंतर्राष्ट्रीय दशक के दौरान हर साल 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाने वाले दिवस पर, रतलाम के तमाम गावो से आदिवासी समुदाय के लोग रतलाम जिले के प्रमुख आदिवासी समुदायों में जाट, गोंड, मुंडा, खड़िया, हो, बोडो, भील, खासी, सहरिया, संथाल, मीणा, उरांव, परधान, बिरहोर, पारधी, आंध,टोकरे कोली, महादेव कोली,मल्हार कोली, टाकणकार आदि शामिल हुये। बिरसा मुंडा की 123वीं मोरी आज ब्रिटिश शासन के खिलाफ़ विद्रोह करने वाले पहले क्रांतिकारी बिरसा मुंडा की आज 123वीं जयंती है। बिरसा मुंडा को जनाब समुदाय के लोग भगवान मानते थे। 25 साल की कम उम्र में ही बचपन से ही लोहे की सैर कर ली गई थी। समाज की मुख्यधारा से कटे होने के कारण ये पिछड़ गए हैं. इस कारण भारत समेत तमाम देशों में इनके उत्थान के लिए, इन्हें बढ़ावा देने और इनके अधिकारों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए कई तरह के कार्यक्रम चलाए जाते हैं.
आज के दिन 9 अगस्त आदिवासी वर्ष घोषित किया था. इसके बाद से हर साल ये रीति-रिवाज के आदिवासी समाज लोग अपने धार्मिक स्थलों, खेतों, घरों आदि जगहों पर एक विशिष्ट प्रकार का पिले रंग का झण्डा लगाते है, जो अन्य धमों के झण्डों से अलग होता है। आदिवासी झण्डें में सूरज, चांद, तारे इत्यादी सभी प्रतीक विद्यमान होते हुए रतलाम जिले के मुख्य सड़कों से होते हुए आज एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। डीजे और पुराने जमाने की ढ़ोलक और थाली की मधुर आवाज़ के संगीत बाजे के साथ नाचते गाते और डांस करते हुए रोड पर वाहन रैली निकाली गई और कई झुंड बना कर लोग पैदल नाचते गाते जिले में प्रवेश हुये ।

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