Uttar Pradesh News सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे में बड़ी कार्रवाई
बीके सिंह की छिनी कुर्सी कुलदीप को एसडीएम गोंडा सदर की कमान डीएम ने जारी किया आदेश

रिपोर्टर वीरेंद्र सिंह गोंडा उत्तर प्रदेश
गोंडा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे व कार्यवाही के बीच बड़ी कार्रवाई हुई है एसडीएम सदर बीके सिंह को हटा दिया गया है अब कुलदीप सिंह को चार्ज सौंपा गया है मनकापुर व करनैलगंज मे नायब तहसीलदार के तबादले किए गए हैं नगर पालिका परिषद गोंडा सिविल लाइन मोहल्ले में प्रधानमंत्री शहरी आवास के समीप में 3 एकड़ जमीन के समीप अवैध कब्जेदारो ने करीब 700 मीटर लंबी बाउंड्री वाल का निर्माण करा लिया था नगर पालिका के अधिकारी व कर्मचारी इससे अनभिज्ञ बने रहे 13 जनवरी को प्रशासन ने जब बुलडोजर चलाकर 3 एकड़ भूमि खाली कराई तो तरह के सवाल उठने लगे निरीक्षक ने इस कार्रवाई के 20 दिन बाद नगर कोतवाली में बिना विधिक अधिकार के उक्त भूमि का बैनामा करने को लेकर एफ आई आर दर्ज कराई गई यही नहीं छावनी सरकार में ही 2,70 एकड़ नजूल की और भूमि पैमाइश कराकर खाली कराई गई जमीन पर कब्जे को लेकर अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई ना होने से सवाल उठ रहे हैं सोमवार को डीएम डॉ उज्जवल कुमार ने एसडीएम सदर बीके सिंह को हटा दिया है उन्हें अपर उप जिला अधिकारी प्रथम के पद पर तैनाती दी गई है वहीं पर उपजिलाधिकारी प्रथम कुलदीप सिंह को सदर तहसील में तैनात किया गया है उन्होंने दूसरी बार सदर तहसील की कमान संभाली वहीं करनैलगंज में तैनात नायब तहसीलदार हनी सिंह को मनकापुर में नई तैनाती मिली है जबकि जयशंकर सिंह कर्नलगंज तहसील में भेजें गये है
भूमि बैनामा में हुए फर्जीवाड़े की जांच तेज एस आई टी खंगाल रही अभिलेख
भूमि बैनामा व वसीयत में हुए फर्जीवाड़ा के मामलों की जांच राज्य विशेष अनुसंधान दल एसआईटी ने तेज कर दी है अब लिखे गए 47 मुकदमों में जुड़े मामलों के अभिलेखो को खंगाल रही है फर्जीवाड़ा के मामले में पूर्व तत्कालीन प्रभारी उप निबंधक सौरभ सिंह समेत कई कर्मियों पर भी धोखाधड़ी का मुकदमा लिखा जा चुका है टीम वर्ष 1998 से अब तक उप निबंधक कार्यालय सदर में तैनात अधिकारियों और कर्मियों का ब्यौरा तलब किया है इस दौरान हुए बैनामा सहित अन्य राजस्व अभिलेखों को भी टीम खंगाल रही है वही अयोध्या समेत कई स्टेट की भूमिका भी कूट रचना कर बैनामा कराने का मामला सामने आ चुका है आरोपितों में निबंधक कार्यालय के अधिकारी, कर्मी, अधिवक्ता समेत अन्य शामिल हैं गत 24 वर्ष से सदर निबंधक कार्यालय में कौन अधिकारी व कर्मी कब तक तैनात था और किस पटल पर कार्यरत था इसके अलावा इस अवधि में हुए बैनामा व वसीयत सहित अन्य राजस्व अभिलेखों की भी पड़ताल कर रही है। नगर पालिका परिषद तहसील में भी अभिलेख मांगे हैं पूर्व में तैनात कई अधिकारी व कर्मी सेवानिवृत हो गए हैं तो कुछ की अलग ही तैनाती है। इससे इन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं उधर पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर भूमि बैनामा वसीयत में हुए फर्जीवाड़ा के 30 आरोपितों की चल अचल संपत्ति का विवरण भी तैयार करा रहे हैं चर्चा है कि अवैध रूप से अर्जित की गई आरोपितों की संपत्ति जब्त भी की जा सकती है जांच को लेकर आरोपितों की धड़कन तेज है




Subscribe to my channel