Madhya Pradesh News लावारिस बीमार और असहाय स्थिति मे जीवन व्यापन करने वाले मानव के साथ गौ माता, व जीव मात्र के लिए खुला एक नि शुल्क सेवा आश्रम।

रिपोर्टर दौलत राम पाटीदार जिला रतलाम मध्य प्रदेश
धोलाबड़ रोड रेलवे क्रॉसिंग से हरथली मार्ग पर जिला रतलाम मध्य प्रदेश के अंतर्गत आज दिनांक को संवेदनशील एवं सेवाभावीयों ने रतलाम के 20 मित्रों द्वारा 50 लाख ख़र्च कर बना दिया खूबसूरत अपना घर, आश्रम बनाया गया है ।
जिसके आवासीय मानव क्षमता 30 बेड की हैं । ऐसे लावारिस बीमार और असहाय स्थिति में सार्वजनिक स्थान, धार्मिक, रेलवे स्टेशन , बस स्टैंड ,आदि स्थलों के आसपास बेहद दर्दनाक हालत में असीम गंदगी के साथ पढ़े हुए या घूमते हुए देखे जाते हैं । वह शहर में नजर नहीं आएंगे क्योंकि रतलाम ढोलावड सागोद रोड़ रेलवे क्रॉसिंग से हरथली गाँव मार्ग पर जिला रतलाम में नवनिर्मित अपना घर आश्रम में पीड़ित जनों को शहर की सड़कों से आश्रम की एंबुलेंस द्वारा रेस्क्यू कर लाया जाएगा। जिसके अंतर्गत आवासीय प्रभु जनों की सेवा के लिए 1 हाल किचन, डिस्पेंसरी ,जन सुविधाएं भंडार ,ग्रह सेवा साथी, आवास, व कार्यालय के साथ परिवार में मंदिर का निर्माण भी कराया गया है । यह अपना घर केवल पुरुष प्रभु जनों के लिए होगा अगर आपको कहीं भी ऐसे जन दिखाई देते हैं जिनका कोई भी नहीं है बिना आधार और लाचार बीमार घायल हालत में पड़े मिलते है तो उन्हें आप अपना घर के हेल्पलाइन नंबर 6266600568 पर सूचित कर सकते हैं उन्हें आश्रम की एंबुलेंस एसक्यू कर ले आएगी आश्रम की तरफ से इन सभी प्रभु जनों को आवास भोजन वस्त्र चिकित्सा के साथ-साथ सभी आवश्यकताओं की पूर्ति जन सहयोग से निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी । अपना घर आश्रम को बनाने के लिए रतलाम के बीच सेवा भावी युवक द्वारा अपना विद्यालय के जनक डॉक्टर बीएम भारद्वाज डॉ माधुरी भरद्वाज के एपिसोड कौन बनेगा करोड़पति को देखकर प्रेरित हुए इन डॉक्टर दंपत्ति ने अपने साथी सैनिकों के साथ मिलकर राजस्थान के भरतपुर जिले में 29 जून 2000 को अपना घर आश्रम स्थापना की थी अब इनकी संख्या 11 राज्यों में 57 हो गई हैं तथा एक आश्रम काठमांडू नेपाल विदेश में भी आधारित हैं। रतलाम जिले में अपना घर का उद्देश्य है कि कोई भी असहाय बीमार सेवा एवं संसाधन के अभाव में कहीं भी दम ना तोड़े इसी क्रम में जहां पर भी संस्था को भवन मिल जाता है यह वहीं पर अपना घर की सेवाएं प्रारंभ कर दी जाती हैं रतलाम जिले का सौभाग्य हैं, यह पर अपना घर संख्या का 58 वां नम्बर आश्रम है।
संस्था द्वारा आश्रय से बेरोजगारों को लाकर आवास चिकित्सा के साथ-साथ जीवन यापन की सभी सुविधाएं जन सहयोग से निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती हैं । अपना घर आश्रम, भरतपुर राजस्थान जिले की संख्या एवं विशिष्ट दृष्टि से अपनी श्रेणी में विश्व का सबसे बड़ा विशालतम सेवा केंद्र है। जिसमें 5000 से अधिक प्रभु जन एवं 2,000 से अधिक गौ माताओं के साथ-साथ अन्य जिवों जैसे स्वान बंदर कबूतर मोर घोड़ा आदी है। उल्लेखनीय है कि यहां पर आवश्यक रूप से सभी को प्रवेश दिया जाता है। तथा प्रत्येक आवासी को प्रभु जी की संज्ञा दी जाती हैं । जिसके अतिरिक्त यहां से कोई भी चंदा नहीं मांगने जाता है। सरकार से कोई किसी प्रकार का अनुदान भी नहीं मिलता है। भरतपुर के एक ही आश्रम का खर्च लगभग 1.05 लाख प्रति दिन होता है लेकिन सभी आवश्यकताओं की जरूरतों की चिट्ठी प्रतिदिन ठाकुर जी को लिखी जाती हैं और उसे पूरा करने के में विभिन्न मानव स्वरूपों में ठाकुर जी आते हैं ।रतलाम आश्रम के अतिरिक्त इसी वित्तीय वर्ष के से आश्रम चार राज्यों में और प्रभु जी और भी खोलना प्रस्तावित है। पाटिदार द्वारा रतलाम जिले के सेवाभावी उम्मीदवारों के नाम जानने की इच्छा जाताई जिसमें सेवाभावी व्यक्तियों ने अपना नाम प्रदर्शित करने से साफ-साफ इंकार कर दिया ।

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