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Madhya Pradesh News स्थानीय सफेदपोश नेताओं के दम पर दिनदहाड़े भ्रष्टाचार की पंचायती जेसीबी पर बैठकर सरपंच सचिव रोजगार सहायक शासन की राशि से धो रहे हाथ।

रिपोर्टर जाहिद अजमेरी आर खरगोन मध्य प्रदेश

भारत एक कृषि देश ह कहा भी जाता है देश की आत्मा गांवों में बसती है। देश की 60 से 70 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। संविधान के अनुच्छेद मध्य-प्रदेश के खरगोन जिले की 184 विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पंचायती राज का प्रावधान किया गया है। हर गांव का एक मुखिया होता है। जिसे हम ग्राम के मुखिया को सरपंच कहते हैं. हर गांव में ग्राम पंचायत की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। जिस तरह देश के विकास की बागडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, के पास होती है। वैसे ही मध्यप्रदेश की जवाबदारी भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ,के पास होती है, ठीक उसी तरह गांवों के विकास की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत सचिव और सरपंच की होती है। स्थानीय सफेदपोश नेताओं के दम पर दिनदहाड़े भ्रष्टाचार की पंचायती जेसीबी पर बैठकर सरपंच सचिव रोजगार सहायक शासन की राशि से धो रहे हाथ। कसरावद की ग्राम पंचायत बामन्दी में ग्रामीण के मजदूरों को काम ना मिलना और पंचायत में सचिव रोजगार सहायक सरपंच की मिलीभगत से तलाई का निर्माण जेसीबी मशीन से किया जा रहा है। ग्रामीण मजदूरों की शिकायत मिलने पर पत्रकार पहुंचे जेसीबी मशीन से किया जा रहा तलाई स्थान पर और सारी हकीकत की अपने कैमरे में कैद। रोजगार सहायक और सरपंच पत्रकारों की गाड़ी देखकर हुए फरार। वास्तविक खबर पर ग्राम पंचायत बामन्दी की जांच की जाए तो लाखों के भ्रष्टाचार की कहानी बाहर आ जाएगी । यह एक ऐसा आदर्श मामला हैजिसमें ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार करने और उन्हें दबाने के तरीकों का भी खुलासा होगा। इसमें सब कुछ है। निजी कार्य, अधूरे कार्य में सरकारी पैसा खर्च होना बताने, फर्जी दस्तावेज लगाकर जनपद से पास कराने, बैंकों तक पैसा रिलीज करवाने, खातों से पैसा निकालने और जब भ्रष्टाचार की जांच हो जाए तो उसे दबाने तक की पूरी कहानी है। यदि प्रशासन इस मामले में अपनाए तरीकों को ही आदर्श मानकर जांच करे तो बड़े खुलासे होंगे। यह जांच भी इसलिए निष्पक्ष हो जाएगी। जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए तो, जिसमें सारी परतें खोल कर बाहर आ जाएगी। स्थानीय सफेदपोश नेताओं के दम पर हो रहा भ्रष्टाचार के काम को दिनदहाड़े दबंगई पूर्वक काम को अंजाम दे रहे है। इनके दबंगई से ग्रामीण मजदूरभी परेशान है। एक चीज और समझ नही आती कि आखिर बड़े पैमाने पर दिनदहाड़े जेसीबी मशीनों से तलाई निर्माणों का कार्य होने के बाद भी अधिकारी ध्यान नही दे रहे हैं। सरपंच सचिव रोजगार सहायक के हौसले बुलंद हो गए हैं। इससे यही सिद्ध होता है कि या तो जनपद पंचायत की बड़ी सेटिंग है या नही तो कार्यवाही करने से डरते है।

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