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Haryana News वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मौ0 चैधरियान नारनौल में बच्चों के नैतिक मूल्यों की शिक्षा परियोजना के 5 वर्ष पूर्ण होने पर 138वें जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया

रिपोर्टर सतीश नारनौल हरियाण 

हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद्, चण्डीगढ की जिला शाखा नारनौल द्धारा मोनिका गुप्ता उपायुक्त एवं अध्यक्षा, जिला बाल कल्याण परिषद् नारनौल के मार्गदर्शन में आज 26-07-2023 को हरियाणा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मौ0 चैधरियान नारनौल में बच्चों के नैतिक मूल्यों की शिक्षा परियोजना के 5 वर्ष पूर्ण होने पर 138वें जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया जिसमें स्कूल के सभी विद्याार्थी एवं अध्यापको को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता योजना के नोडल अधिकारी एवं सेवानिवृत जिला बाल कल्याण अधिकारी विपिन शर्मा ने बताया कि जो जैसा सोचता और करता है, वह वैसा ही बन जाता है। मनुष्य का विकास और भविष्य उसके विचारों पर निर्भर करता है। जैसा बीज होगा, वैसा ही पौधा उगेगा। जैसे विचार होगें, वैसे कर्म बनेगें और जैसे कर्म करेगें, वैसी परिस्थितियाॅ बन जाएॅगी। इसलिए तो कहा गया है कि मनुष्य अपनी परिस्थितियों का दास नही, वह उनका निर्माता, नियंत्रणकर्ता और स्वामी है। वास्तविक शक्ति साधनो में नही, विचारों में सन्निहित् हैं। आज व्यक्ति एवं समाज में साम्प्रदायिक्ता, जातीयता भाषावाद्, हिंसा, अलगाववाद की संकीर्ण भावनाओं व समस्याओ के मूल में नैतिक मूल्यों का पतन ही उत्तरदायी कारण है। वास्तव में नैतिक गुणो की कोई सूची नही बनाई जा सकती, परन्तु हम इतना अवश्य कह सकते है कि मनुष्य में अच्छे गुणो को हम नैतिक कह सकते है। नैतिक मूल्यों का समावेश जीवन के सभी क्षेत्रो में होता है। व्यक्ति परिवार, समुदाय, समाज, राष्ट्र से मानवता तक नैतिक मूल्यों की यात्रा होती है। नैतिकता समाज में सामाजिक जीवन को सुगम बनाती है। मानव को सामाजिक प्राणी होने के नाते कुछ सामाजिक नितियो का पालन करना पड़ता है जिनमें संस्कार, सत्य, परोपकार, अहिंसा आदि शामिल है। वास्तव में ये सभी नैतिक गुणों में आते है और बच्चों को इन्हें बचपन से ही धारण कर लेना चाहिए ताकि अच्छे परिवार, समाज, राष्ट्र का निर्माण हो सकें। उन्होंने बच्चों को उच्च श्रेणी की शिक्षा प्राप्त करने के साथ-2 नैतिक मूल्यों की शिक्षा को भी अवधारण करने के लिए प्रेरित किया तथा अपने बुजुर्गो, अध्यापको व अपने सभी सगे-सम्बन्धियों का आदर करने की अपील की तथा उनसे अनुरोध किया कि वे अपने जीवन में कामयाब इन्सान के साथ-2 एक अच्छे इन्सान बनें अच्छे भारत के निर्माण में वे अपना योगदान दे सकें। उन्होनें बच्चों से खासकर अपील की कि वे अपने दादा-दादी के साथ समय अवश्य बिताए तथा उनका अनुभव का लाभ उठाकर अपने जीवन को सफल बनाए। इस अवसर पर संस्था के चेयरमैन श्री हितेन्द्र शर्मा ने नैतिक मूल्यों पर अपने विचार रखे और बच्चों से अपील की कि वे बताई गई सभी बातो को अपने जीवन में व्यवहारिक रूप से लागू करें तथा अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के साथ-2 अच्छे नागरिक भी बनें। उन्होंने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलवाया कि वे अपने विद्यालय के बच्चों को प्रतिदिन नैतिक मूल्यों की शिक्षा से अवगत करके जागरूक करते रहेगें। इस अवसर पर सुरेन्द्र शर्मा तीरन्दाजी कोच बाल भवन नारनौल तथा संस्था की निदेशिका श्रीमती संगीता शर्मा, प्रधानाचार्य श्री अवनीश कुमार, श्री रामनिवास डी0पी0, श्री अशोक कुमार, श्री नरेश कुमार, श्री राहुल सोनी, श्री संजय कुमार, श्री मनमोहन, श्री शुभराम, श्री लोकेश, श्रीमती वंदना, श्रीमती सुमन, श्रीमती अल्पना, श्री लक्ष्मी चैहान, श्री अमन कुमार व श्री दीपक अध्यापकगणों सहित सभी स्कूली बच्चें उपस्थित रहे।
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