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कोयला-लोहा कारोबार की वर्चस्व की लड़ाई में सुलग रहा धनबाद, मेयर ने बाघमारा को बताया अपराध का नया केंद्र

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👉तीन दिन में तीन गोलीबारी, धनबाद में बढ़ी दहशत; मेयर ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल

👉कोयला-लोहा कारोबार की जंग हुई खूनी, बाघमारा बना चिंता का सबसे बड़ा कारण

👉फायरिंग की घटनाओं से थर्राया धनबाद, संजीव सिंह बोले- बाघमारा में तत्काल कार्रवाई जरूरी

👉वर्चस्व की लड़ाई से बिगड़ रहा माहौल, अपराधियों पर नकेल कसने की मांग तेज

धनबाद : कोयला और लोहा कारोबार में वर्चस्व की बढ़ती लड़ाई ने एक बार फिर धनबाद की कानून-व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पिछले तीन दिनों के भीतर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई तीन गोलीबारी की घटनाओं ने आम लोगों, कारोबारियों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। खासकर बाघमारा और झरिया क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

इन घटनाओं के बीच धनबाद के मेयर एवं पूर्व विधायक संजीव सिंह ने बाघमारा को जिले का नया “हॉट स्पॉट” बताते हुए प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है, जिससे आपसी टकराव और हिंसक संघर्ष की स्थिति बन रही है।

जानकारी के अनुसार हाल की तीन गोलीबारी की घटनाओं में दो मामले बाघमारा क्षेत्र में कोयला कारोबार में वर्चस्व को लेकर सामने आए, जबकि एक घटना झरिया के जामाडोबा इलाके में लोहा कारोबार से जुड़ी बताई जा रही है। इन घटनाओं में कई लोग घायल हुए हैं और स्थानीय लोगों में भय का माहौल व्याप्त है।

मेयर संजीव सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक और सामाजिक तत्व अपने समर्थकों को आगे कर विवादों को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसके कारण छोटी घटनाएं भी हिंसक रूप धारण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति अब इतनी गंभीर हो चुकी है कि विवाद सीधे गोलीबारी तक पहुंच रहे हैं।

उन्होंने हाल ही में चर्चित शुभम यादव हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना के बाद भी प्रशासन को आगाह किया गया था कि बाघमारा क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो अपराधियों का मनोबल और बढ़ सकता है।

मेयर ने धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक से शुभम यादव हत्याकांड के आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि संवेदनशील इलाकों में विशेष अभियान चलाकर अपराध और अराजकता पर नियंत्रण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगातार निगरानी और मजबूत पुलिसिंग ही स्थायी समाधान दे सकती है।

कोयला और लोहा कारोबार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा अब हिंसक संघर्ष का रूप लेती दिखाई दे रही है। ऐसे में धनबाद जैसे औद्योगिक जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस और प्रशासन अपराधियों के खिलाफ कितनी तेजी और प्रभावी कार्रवाई कर पाते हैं।

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