Chhattisgarh News अक्सर खाकी पारदर्शिता और निष्पक्ष कार्यवाही के साथ ही आम लोगो के मित्र के तौर पर काम करने और आम लोगों की मदद करने के लिए जानी जाती है।

रिपोर्टर गौरीशंकर दल्लीराजहरा बालोद छत्तीसगढ़
एक ओर जहां बस्तर जैसे सुदूर वनांचल इलाके में अपनी पैठ जमाकर रखे नक्सलियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए अहिसा का रास्ता अपनाकर बीते कई सालों से नक्सली गतिविधियों में शामिल लोगों को घर वापसी की क़वायद खाकी कर रही है और कई इनामी खूंखार नक्सली घर वापस भी हो रहे हैं तो वहीं बालोद कोटवाली थाने में ठीक इसके विपरीत काम को अंजाम दिया जा रहा है। यहां अवैध काम के लिए अवैध कारोबारी को प्रेरित भी किया जा रहा है प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है और जब बात कार्यवाही की आती है तो ठीकरा किसी और विभाग के ऊपर फोड़ दिया जाता है या फिर कार्यवाही के लिए अवैध कारोबारी से भीख मांगने का किस्सा भी सामने आ रहा है कार्यवाही के लिए सम्बंधित से मांग रहे केस
अवैध काम पर शिकंजा कंसने के लिए खाकी एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है बाकायदा इसके लिए आरक्षक से लेकर उससे ऊपर तक के एक दर्जन अधिकारी होते हैं जो अपने अधीनस्थ अधिकारियों कर्मचारियों को मार्गदर्शन देने के साथ निर्देशित भी करते हैं लेकिन बालोद कोतवाली थाने में नियम खुद के हैं जब अगर किसी व्यक्ति द्वारा बालोद कोतवाली थाना इलाके में अवैध शराब के कारोबार की जानकारी पुलिस अधीक्षक या थाने से हटकर किसी बड़े अधिकारी के पास शिकायत होती है तो सम्बंधित अफसर थाने के जिम्मेदारों को ही कार्यवाही का जिम्मा सौंपते हैं लेकिन अवैध शराब कारोबारियों से इतना लगाव व इतनी मोह माया की खाकी को उन कारोबारियों से भीख मांगनी पड़ती है और कार्यवाही के लिए सम्बंधित से उंसके साथ काम करने वाले एक व्यक्ति साथ मे शराब की डिमांड खाकी के द्वारा किये जाने की जानकारी मिल रही है क्या है महीने का खेल, जो खाकी के पर लगा !


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