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Chhattisgarh News सरकारी स्कूल परिसर में बारिश के दिनों में पानी का भराव जमा रहता है जिससे बच्चों को परेशानी होती है।

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़

जांजगीर जिले के अकलतरा विकासखंड के विभिन्न स्कूलों की अगर जांच पड़ताल की जाए बारिश के दिनों में तो स्कूल परिसर हमेशा पानी भरा रहता है जिससे बच्चों को परेशानी होती है तथा स्कूलों की उचित साफ सफाई नहीं की जाती शौचालय बना दी जाती है मगर शौचालय की भी रखरखाव नहीं होती स्कूलों की रंग रोहन का कार्य भी नहीं हुआ है शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई है। सफाई के नाम पर नाम मात्र की सफाई रहती है तथा सफाई कर्मचारी हमेशा छुट्टी पर रहता है बच्चों से काम करवाई जाती है साफ सफाई का कार्य शासकीय हाई स्कूल पकरियामें सफाई कर्मी नहीं रहता है एवं चपरासी का पोस्ट रिक्त है जहां पर बच्चों से साफ सफाई का कार्य करवाया जाता है संस्था प्रमुख द्वारा हमेशा काम करवाई जाती है बच्चों से तथा स्कूलों की हर सामान अस्त-व्यस्त पड़ी रहती है स्कूल स्कूल जैसा नहीं रहता। mकई स्कूलों में शौचालय की व्यवस्था रहती है मगर उन शौचालयों की साफ सफाई नहीं होती कई शौचालय में ताला लगी रहती है शौचालय के आसपास इतनी गंदगी का माहौल रहता है कि सफाई नाम की कार्यवाही नहीं की जाती जिससे बच्चों को गंभीर बीमारी होने की संभावना लगी है शासकीय हाई स्कूल पकरिया में शौचालय विहीन साला नजर आई जहां पर संस्था प्रमुख द्वारा जानकारी चाही गई तो उन्होंने कहा कि अभी शासन का पैसा आया है तो हम बनवा रहे हैं जबकि निर्माण कार्य के दौरान में शौचालय का निर्माण किया जाता है ठेकेदारों के द्वारा। हरि स्कूलों को शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के पहले साफ-सफाई रंग रोहन का कार्य करने का आदेश रहता है उसके लिए शासन से आवंटन आई रहती है उन आवंटन राशियों का किसी अन्य फंड में खर्चा कर दिया जाता है रंग रोहन का कार्य नहीं किया जाता है पैसे की सही उपयोग ना कर दुरुपयोग किया जाता है।

मध्यान भोजन कक्ष प्रत्येक स्कूलों में मध्यान भोजन कक्ष बना है मगर उन मध्यान भोजन कक्ष में बच्चों को लकड़ी के चूल्हे से खाना बनाकर खिलाया जाता है जिससे उस खाने में धुआं धुआं की बदबू रहती है जबकि शासन से गैस सिलेंडर उपयोग करने का आदेश है मगर उन महिलाओं समूहों के द्वारा सस्ते दर पर लकड़ी मिल जाने का कंडीशन बताकर गैस चूल्हे का उपयोग नहीं किया जाता है। सफाई कर्मी सफाई कर्मी नाम मात्र का सफाई कर्मी रहता है वह हमेशा छुट्टी पर रहता है सफाई नाम की चीज ही नहीं नजर आती जिससे बच्चों से झाड़ू लगाया जाता है पानी भरवाया जाता है एवं अन्य कार्य भी बच्चों से करवाई जाती है या शासकीय हाई स्कूल पकरिया में बच्चों से झाड़ू लगवाया गया। पेयजल व्यवस्था पेयजल व्यवस्था कई स्कूलों में है मगर कई स्कूलों में नहीं है हेड पंप की पानी पी जाती है बच्चों को मगर उन हेडपंप से लोहे की बदबू आने लगती है जिससे गंभीर बीमारी की आशंका रहती है बच्चों को। मध्यान भोजन में बच्चों को मात्र खिलाया जाता है दाल चावल सब्जी जबकि बच्चों को खिलाने के लिए दाल चावल सब्जी अचार सलाद पापड़ इत्यादि देने का शासन का आदेश रहता है मगर आचार पापड़ सलाद की पैसों का दुरुपयोग करते हैं जिससे बच्चों को स्वाद अनुसार भरपेट भोजन नहीं दिया जाता है भोजन जो रहता है वह गुणवत्ता विहीन रहता है। रही सवाल शिक्षकों की कमी स्कूलों में शिक्षकों की कमी नजर आई जहां पर 5 शिक्षक की आवश्यकता है वहां पर 3 शिक्षक है जहां पर 10 शिक्षक की आवश्यकता है वहां 5 शिक्षक नियुक्त रहते हैं जिनमें अधिकांश छुट्टियों पर रहते हैं या ड्यूटी से नदारद रहते हैं जिससे बच्चों का पढ़ाई पर कमजोर हो जाता है जिसके कारण परीक्षा परिणाम भी गलत आती है शिक्षकों की कमी जलती रहती है मगर राज्य शासन द्वारा नियुक्त नहीं की जा रही है। यहां तक के की शिक्षक आते हैं समय के बाद कोई 11:00 बजे आता है तो कोई 12:00 बजे आता है ड्यूटी में आता है तब तक कर के चला जाता है इस तरह से परीक्षा परिणाम भी गलत आता है।

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