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Bihar News न्यायालय में 48 घंटे में फर्स्ट एक्सीडेंट रिपोर्ट कराना होगा जमा

रिपोर्टर गुड्डू कुमार जमुई बिहार

जमुई : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पवन कुमार की अध्यक्षता में व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित न्याय सदन के प्रशाल में सिविल सर्जन , जिला परिवहन पदाधिकारी एवं सभी थानाध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई , जिसमें मोटर दुर्घटना संशोधित नियमावली को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। सचिव पवन कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने मोटर दुर्घटना नियमावली में संशोधन किया है। अद्यतन नियम के मुताबिक सड़क दुर्घटना में पीड़ित को इलाज हेतु अस्पताल ले जाने के साथ दुघर्टना स्थल की फोटोग्राफी कराई जाएगी। आवश्यक जानकारी का संकलन कर उसे 48 घंटे के अंदर फर्स्ट एक्सीडेंट रिपोर्ट के रूप में संबंधित न्यायालय में समर्पित करना होगा। इस संबंध में अंतरिम दुर्घटना प्रतिवेदन 50 दिनों के भीतर तथा विस्तृत दुर्घटना प्रतिवेदन 90 दिवस के अंदर केश अनुसंधान कर्त्ता को संबंधित न्यायालय को उपलब्ध कराना है।

सचिव ने इस मामले में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के स्टेकहोल्डर (पैनल अधिवक्ता एवं पारा विधिक स्वयंसेवक) से अपील करते हुए कहा कि संशोधित नियमावली को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं तथा उन्हें जागरूक करें। पीड़ित को ससमय आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके , इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। श्री कुमार ने इसी संदर्भ में पुलिस पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वाहन दुर्घटना में मृत्यु होने की स्थिति में मृतक का ड्राइविंग लाइसेंस , वाहन फिटनेस समेत अन्य वांछित कागजातों की जांच सरकार द्वारा जारी किए गए वाहन एप से करें और इसकी पुष्टि करते हुए उसे नामित कोर्ट को उपलब्ध कराएं। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा वहन दुर्घटना से संबंधित संशोधित नियमावली का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराए जाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने की बात कही। सिविल सर्जन डॉ. कुमार महेंद्र प्रताप , जिला परिवहन पदाधिकारी मो. इरफान समेत सभी थानाध्यक्ष बैठक में उपस्थित होकर अपना ज्ञानवर्धन के साथ क्षमतावर्धन किया और संशोधित नियमावली को हुबहू धरा पर उतारे जाने का संकल्प लिया।

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