Chhattisgarh News SECL कुसमुंडा में दर्दनाक हादसा: कोटा तहसील के नरेश कुमार केवट की मौत, प्रबंधन पर लगा मामला रफा-दफा करने का गंभीर आरोप

रिपोर्टर मनोज मानिकपुरी कोरबा छत्तीसगढ़
कोरबा/रतनपुर: साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के कुसमुंडा खदान क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। कार्यस्थल पर सुरक्षा की भारी चूक के कारण हुए एक भीषण हादसे में एक श्रमिक की जान चली गई है। मृतक की पहचान नरेश कुमार केवट के रूप में हुई है, जो ग्राम- सिश, थाना- रतनपुर, तहसील- कोटा के निवासी थे। इस दर्दनाक घटना के बाद से जहाँ एक ओर मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं दूसरी ओर खदान श्रमिकों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मलबे और राख से सना था शव: दिल दहला देने वाला मंजर खदान क्षेत्र से सामने आ रहे विचलित करने वाले दृश्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा बेहद खौफनाक था। पीड़ित नरेश कुमार केवट को बेहद नाजुक और लहूलुहान स्थिति में एक वाहन के जरिए ले जाया जा रहा था। उनके पूरे शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे और वे मलबे व कोयले की राख से पूरी तरह सने हुए थे। आशंका जताई जा रही है कि कार्यस्थल पर किसी अनियंत्रित हैवी व्हीकल (डंपर) की चपेट में आने, मलबे की बड़ी चाल धंसने या ब्लास्टिंग के दौरान यह हादसा हुआ है, जिसने मौके पर ही नरेश की जान ले ली।
प्रबंधन पर ‘अंडरग्राउंड’ करने का आरोप: उठ रहे गंभीर सवाल इस दर्दनाक हादसे ने एसईसीएल (SECL) कुसमुंडा प्रबंधन को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों और साथी कर्मचारियों का सीधा आरोप है कि प्रबंधन अपनी नाकामियों, बदइंतजामी और सुरक्षा मानकों में हुई जानलेवा चूक को छिपाने के लिए इस पूरे मामले को दबाने और रफा-दफा करने की पुरजोर कोशिश कर रहा है। घटना के तुरंत बाद जिस तरह की गोपनीयता बरती गई, उसने प्रबंधन की मंशा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस हादसे के मुख्य पहलू: सुरक्षा नियमों की धज्जियां: खदान के भीतर श्रमिकों के लिए तय अनिवार्य सुरक्षा गाइडलाइंस (Safety Rules) की अनदेखी का आरोप। सहानुभूति की कमी: हादसे के बाद पीड़ित को तुरंत सही रिस्पॉन्स और मेडिकल सपोर्ट देने के बजाय मामले को छिपाने पर जोर दिया गया। जनाक्रोश और निष्पक्ष जांच की मांग: रतनपुर और कोटा क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस मामले में उच्च स्तरीय न्यायिक जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। मुआवजे और नौकरी के लिए लामबंद हो रहे ग्रामीण
नरेश कुमार केवट की असमय मौत ने उनके पीछे छूटे परिवार को बेसहारा कर दिया है। ग्राम सिश और आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि जब तक SECL प्रबंधन सुरक्षा में चूक की जिम्मेदारी नहीं लेता, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और आश्रित को तत्काल नियमित नौकरी नहीं दी जाती, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। इस संवेदनशील घटना के बाद से कुसमुंडा और रतनपुर क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।




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