Chhattisgarh News “आज दिखाता हूँ BJP की गुंडागर्दी क्या होती है!” सत्ता के नशे में अंधे नेता ने महिला के घर घुसकर दी मौत की धमकी, खाकी खामोश, विधायक गोमती साय मौन!…

ब्यूरोचीफ राकेश कुमार साहू जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़
पत्थलगांव | विशेष संवादाता / ब्यूरो रिपोर्ट -*क्या सत्ता का नशा और कुर्सी का गुरूर इंसान को इस कदर अंधा कर देता है कि वह कानून, पुलिस और मर्यादा को अपनी जेब की जागीर समझने लगे? क्या ‘सुशासन’ और ‘महिला सम्मान’ के नारों की हकीकत बस इतनी है कि एक राजनीतिक पार्टी का झंडा उठाए कोई भी गुंडा किसी बेबस महिला के घर में घुसे और उसे सरेआम मौत के घाट उतारने की धमकी दे दे? पत्थलगांव से सामने आए एक खौफनाक और शर्मनाक वायरल वीडियो ने इन सभी सवालों का जवाब ‘हां’ में दिया है। ‘बेटी बचाओ’ का नारा देने वाली पार्टी बीजेपी से जुड़े एक कथित नेता अवधेश गुप्ता ने खुलेआम गुंडागर्दी का ऐसा वीभत्स नंगा नाच किया है, जिसने पूरे सिस्टम के मुंह पर करारा तमाचा जड़ दिया है।
*कैमरे पर कैद सत्ता का अहंकार: “दिखाता हूँ गुंडागर्दी…” -*आज सुबह की बताई जा रही इस कथित घटना का जो वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, वह किसी भी सभ्य समाज के रोंगटे खड़े करने के लिए काफी है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि अवधेश गुप्ता नाम का यह शख्स बिना किसी खौफ के एक महिला के घर में घुसता है। उसके चेहरे पर सत्ता का मद और कानून का कोई डर न होने का घमंड साफ झलकता है। वह न सिर्फ महिला के साथ अत्यंत अभद्र और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करता है, बल्कि सरेआम जान से मारने की धमकी देते हुए सारी हदें पार कर देता है। कैमरे के सामने चीखते हुए वह शख्स कहता है:
“बीजेपी की गुंडागर्दी कैसी होती है, आज मैं दिखा देता हूं।” -*यह महज़ एक वाक्य नहीं है; यह पत्थलगांव के उस ‘सिस्टम’ की सच्चाई है, जो रसूखदारों के आगे घुटने टेक चुका है। यह वीडियो चीख-चीख कर बता रहा है कि कैसे राजनीतिक संरक्षण ने इन जैसे लोगों को ‘लाइसेंस टू क्राइम’ दे रखा है। रसूख की चादर और पुराने गुनाहों का पुलिंदा -*स्थानीय लोगों और दबी जुबान में बात करने वाले ग्रामीणों की मानें तो, अवधेश गुप्ता के लिए कानून तोड़ना कोई नई बात नहीं है। इलाके में चर्चा है कि यह व्यक्ति पहले भी कई गंभीर विवादों का हिस्सा रहा है। पुलिस की चौखट तक इसके खिलाफ शिकायतें भी पहुंची हैं, लेकिन हर बार ‘सत्ता की मजबूत छतरी’ और ‘पारिवारिक रसूख’ ने इसे बचा लिया।

जनता अब खौफ के साए में जीने को मजबूर है। लोगों का पूछना है कि जब एक तथाकथित नेता दिनदहाड़े एक महिला की अस्मिता और उसकी जान को उसी के घर में घुसकर रौंदने की कोशिश कर सकता है, तो क्या इस शहर में आम आदमी की जान की कोई कीमत बची है? विधायक गोमती साय से जनता के 5 सीधे और चुभते सवाल :इस अमानवीय और शर्मनाक घटना के बाद पत्थलगांव की सड़कों पर भारी उबाल है। जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है और यह गुस्सा सीधे क्षेत्रीय विधायक गोमती साय की चुप्पी पर फूट रहा है। जनता अब कोरे आश्वासन नहीं, बल्कि कठोर कार्रवाई चाहती है और विधायक महोदया से सीधे सवाल पूछ रही है: क्या यही आपका सुशासन है? एक महिला के घर में घुसकर उसे धमकाने वाले इस ‘गुंडे’ पर अब तक पुलिस का डंडा क्यों नहीं चला? क्या आरोपी को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है? “बीजेपी की गुंडागर्दी” का खुलेआम दावा करने वाले इस शख्स को पार्टी से अब तक बाहर का रास्ता क्यों नहीं दिखाया गया? एफआईआर (FIR) में देरी क्यों? वायरल वीडियो ही सबसे बड़ा सबूत है, फिर पुलिस किस ‘ऊपर वाले’ के फोन कॉल या आदेश का इंतजार कर रही है? क्या महिला सुरक्षा केवल पोस्टरों तक सीमित है? मंचों से बड़े-बड़े भाषण देने वाले नेता आज एक बेबस महिला के साथ हुई इस अभद्रता पर मौन क्यों साधे हुए हैं? क्या न्याय मिलेगा? क्या विधायक गोमती साय इस मामले में व्यक्तिगत संज्ञान लेकर यह सुनिश्चित करेंगी कि इस रसूखदार को ऐसी सजा मिले जो भविष्य में एक नज़ीर बने?
खाकी की खामोशी और दांव पर सिस्टम की साख :*इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। वायरल वीडियो ने इलाके में दहशत के साथ-साथ विद्रोह का माहौल भी पैदा कर दिया है। अगर पुलिस इस मामले में अब भी ‘जांच’ का बहाना बनाकर लीपापोती करने की कोशिश करती है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि कानून केवल गरीबों और आम जनता के लिए है; रसूखदारों के लिए यह उनके घर की लॉन्ड्री है।
अब सबकी निगाहें पुलिस-प्रशासन और स्थानीय विधायक की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। पत्थलगांव की जनता बस एक ही बात जानना चाहती है— क्या इस शहर में भारत का संविधान लागू है या सत्ता के नशे में चूर इन गुंडों का जंगलराज? अगर आज इस महिला को न्याय नहीं मिला, तो कल को कोई भी सुरक्षित नहीं रहेगा।




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