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Chhattisgarh News संगठनों के द्वारा वन अधिकार, पेसा कानून, खनन, आदिवासी अधिकारों, भूमि अधिग्रहण और सामाजिक न्याय से जुड़े अनेक मुद्दों पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री सिंहदेव से विस्तार में चर्चा हुई.

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़

संगठनों के द्वारा वन अधिकार, पेसा कानून, खनन, आदिवासी अधिकारों, भूमि अधिग्रहण और सामाजिक न्याय से जुड़े अनेक मुद्दों पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री सिंहदेव से विस्तार में चर्चा हुई. इस चर्चा में विशेष रूप से वन अधिकार के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुनः रूप रेखा सुझाई गई. पेसा के जमीनी अनुपालन के लिए आवश्यक कानूनी संभावनाओं पर सरकारी पहल करने पर बात हुई. संगठनों ने बस्तर में शांति और सद्भावना के लिए सरकार द्वारा किए गए नाकाफी प्रयासों पर चिंता ज़ाहिर की. बस्तर में बढ़ते सैन्यीकरण के चलते स्थानीय लोगों के अधिकारों के हनन के खतरों से भी उपमुख्यमंत्री को अवगत कराया गया. नागरिक समाज की ओर से यह अपेक्षा साझा की गई कि बस्तर सहित छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में बढ़ते सांप्रदायिक हमले पर सरकार से त्वरित हस्तक्षेप किया जाए. सभी सामाजिक संगठनों की तरफ से यह मांग की गई कि पेसा को लेकर एक सुसंगत राज्य स्तरीय कानून बनाया जाना चाहिए ताकि पेसा को उसकी मूल भावना के अनुरूप धरातल में लागू किया जा सके. इसी तरह भारतीय वन अधिनियम में औपनिवेशिक विसंगतियों को समाप्त किए जाने के लिए छत्तीसगढ़ को राज्य वन अधिनियम बना कर लागू किया जाना चाहिए . बैठक के अंत में सामूहिक रूप से यह अपेक्षा की गई कि घोषणा पत्र को लागू करने तथा प्रदेश में सामाजिक न्याय के क़ानूनो और नीतियों को लागू करने के लिए राज्य तथा राज्य स्तर पर लगातार संवाद किए जाने की जरूरत है. सामाजिक संगठनों की ओर से उपमुख्यमंत्री को विशेष रूप से धन्यवाद दिया गया की एक लंबे अंतराल के बाद सरकार द्वारा नागरिक संगठनों से संवाद की प्रक्रिया शुरू की गई साथ ही यह अपेक्षा की jगई की यह संवाद आगे भी जारी रहेगा. इस बैठक में एकता परिषद से रमेश भाई, जन वन अधिकार मंच से केशव शोरी, इंदु नेताम, के बी एस एस कांकेर से अश्विनी कांगे, दलित आदिवासी

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

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