Haryana News प्रजातंत्र में जनशक्ति ही सबसे बड़ी शक्ति, सिरों की गिनती से ताकतवर का होता है अहसास: डा. अजय सिंह चौटाला
जेजेपी का मिशन-2024, सभी 10 लोकसभा में कार्यकर्ताओं से होंगे रूबरू

रिपोर्टर सतीश नारनौल हरियाण
जननायक जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. अजयसिंह चौटाला ने राजस्थान के गांव मांढण और अटेली हलका के कई गांवों में शनिवार जनसभा की। इन जनसभाओं की अध्यक्षता पार्टी के जिला अध्यक्ष डा. मनीष शर्मा ने की। जनसभा में जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. अजयसिंह चौटाला ने शिवरात्रि पर्व पर बधाई देते हुए कहा कि आज लंबे अंतराल के बाद आपसे मिलने व रूबरू होने का मौका मिला है। आज मिशन-2024 शुरू हो चुका है। इसका मतलब है साल 2024 में लोकसभा चुनाव होंगे और इसके लिए सभी राजनैतिक दलों ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर रखी है। हमने भी प्रदेश के सभी 10 लोकसभा सीट पर एक-एक बड़ी रैली करने का निर्णय लिया है। पिछले दिनों दो जुलाई को जुलाना में रैली हुई। अब 30 जुलाई को फरीदाबाद संसदीय क्षेत्र की रैली मोना मंडी में होने जा रही है, जो पलवल व फरीदाबाद के बीच की मंडी है। उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम निरंतर चुनाव तक आपके बीच चलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में जनशक्ति ही सबसे बड़ी शक्ति होती है। सिरों की गिनती से यह फैसला होता है कौन प्रभावशाली व ताकतवर है। जब हमें पुरानी पार्टी से निष्कासित किया, तब हमने जींद की पावन धरा पर पुरानी पार्टी के लोगों से कहा भाई यह झंडा भी आपका, डंडा भी आपका, चुनाव चिह्न, फंड भी आपका, यह 20 विधायक भी आपके और 23 प्रतिशत वोट बैंक भी आपका है। इनको संभाल कर रखना। डॉ अजय सिंह चौटाला ने कहा कि हम तो जननायक चौधरी देवीलाल की सूरत को लेकर लोगों के बीच जाएंगे और अपना नया घर बसाने का काम करेंगे। अब यह कहते अफसोस होता है कि नौ महीनों में हमने जिनको सबकुछ सौंपा था, वह 20 विधायक से एक पर आ गए। 23 प्रतिशत वोट से डेढ़ प्रतिशत पर सिमट कर रह गए। दूसरी तरफ आपने हौनहार नौजवान की पीठ पर हाथ रखा। उसे प्यार, दुलार दिया। उसने जींद के पांडु पिंडारा की पावन धरा पर आपके समक्ष नई पार्टी का गठन किया। नौ महीने में न केवल पार्टी का नया संगठन खड़ा किया, बल्कि तीन-तीन चुनाव झेले। इसमें लोकसभा, उपचुनाव व विधानसभा चुनाव आ गया। उस हौनहार जवान ने न केवल अपने साथ 10 विधायक लेकर विधानसभा में जाने का काम किया, बल्कि साढ़े 17 प्रतिशत वोट प्रदेश में हासिल किए। यह बहुत बड़ी बात थी। उनकी बदौलत आपकी राज में भागीदारी हुई। जैसे ही सरकार बनी, कोरोना महामारी आ गई। दो साल हम चाहकर भी आपके बीच नहीं पहुंच पाए। जब तक जनप्रतिनिध जनता के बीच जाए नहीं उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। फिर किसान आंदोलन चल पड़ा। उसकी मार भी सबसे बड़ी मार हम पर पड़ी। अजय चौटाला ने बताया कि किसान आंदोलन के दौरान हमें कहा गया कि दुष्यंत चौटाला इस्तीफा दें। जेजेपी सरकार स अलग हो जाए। सार्वजनिक मंच व हमने मीडिया के माध्यम से भी कहा कि अगर इस्तीफा से समाधान है तो एक दुष्यंत चौटाला ही नहीं दस के दस विधायक का इस्तीफा ले जाओ। इस्तीफा तो केंद्र सरकार की मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने भी दिया था। विधायकी का इस्तीफा भाई अभयसिंह चौटाला ने भी दिया था, परंतु उससे कुछ हासिल नहीं कर पाए। मांढण में 21 फुट शिव प्रतिमा का अनावरण कर इन गांवों में की जनसभा इस संबंध में पार्टी के जिला प्रवक्ता सिकंदर गहली ने बताया कि शनिवार शुरूआत में डा. अजयसिंह चौटाला राजस्थान के गांव मांढण में सुबह 10 बजे पहुंचे। यहां शिवधाम में भगवान शिव की 21 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण कर भंडारे में शिरकत की। फिर शिवधाम मांढन के महंत अनिल पुरोहित का आशीर्वाद लिया। यहां से वे अटेली हलका के गांव तिगरा में पहुंचे और जनसभा को संबोधित किया। फिर गांव रातां में जनसभा को संबोधित किया। यहां से विनय यादव की आईटीआई परिसर में गए और लंच किया। इसके बाद छितरोली में पहुंचे और जनसभा को संबोधित किया। इसके बाद छितरोली में ही लक्ष्मी बलोंदा के आवास पर चाय कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वहां से कनीना कार्यकर्ताओं से मिले। गांव चेलावास में शोक सभा में पहुंचे। फिर दौंगड़ा अहीर कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए।
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