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Chhattisgarh News एसडीएम ज्योति मौर्या जैसे कहानी जो चल रही है वह हर राज्य हर जिले में संचालित है।

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़

एसडीएम ज्योति मौर्या जैसी कहानी उत्तर प्रदेश भी नहीं बल्कि संपूर्ण भारत में ऐसी परंपराएं चल रही है जहां पर कोई मजदूरी करता है तो कोई खेती किसानी करता है तो कोई जूता-चप्पल पालिश करता है तो कोई सफाई करनी है तो कोई कचरा ढोने का काम करता है तो कोई पान दुकान करता है कि किसी भी तरह से मेरी बीवी सरकारी पद पर आसीन रहे मगर विडंबना हंसी आ जाती है कि वही औरत जो कि सरकारी पद पर रहते हुए अपने पति को छोड़कर बेवफा हो जाती है और कहीं अपने आशिक के साथ भाग जाती है। ऐसा ही प्रत्यक्ष घटना छत्तीसगढ़ राज्य के ऊर्जा नगरी कोरबा में देखने को मिला एवं पढ़ने को मिला जहां पर एक मजदूरी करने वाला मजदूर अपने बीवी को पढ़ा लिखा कर एक शिक्षिका के पोस्ट पर नियुक्त करवाता है पढ़ाने लिखाने के बाद में हुआ शिक्षिका शिक्षिका यानी कि कहा जाता है कि गुरु अब वही गुरु अपने आशिक के साथ अपने प्रेमी के साथ भाग कर अपने पति को छोड़कर चली जाती है बेचारा मजदूर पत्ती दर-दर की ठोकरें खाकर वह पढ़ाया लिखाया रहता है मगर उसे यह नहीं मालूम रहता है क्यों उसकी बीवी आज बेवफा निकलेगी अपने आशिक के साथ भाग जाती है। मजदूर पति जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय कोरबा में शिकायत करने जाता है कि मेरी बीवी अपने आशिक के साथ भाग गई है क्योंकि मैं मजदूर हूं मजदूरी की कमाई से पढ़ाया लिखाया मगर हुआ आज एक शिक्षक के पद पर रह कर ऐसा आपराधिक कृत्य कर रही है इस कृत्य से शिक्षा जगत को बदनामी होती है।
मगर बेचारा पति न्याय की आस लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जाता है कोरबा जहां से उसको न्याय भी नहीं मिल पाती है उनकी आवेदनों को स्वीकार कर ली जाती है मगर कार्यवाही नहीं की जाती है ऐसा ही मामला है। वैसे मामले की तह तक के गरमालो मैं अगर जाई जाए तो हर विभाग में महिला वर्ग कर्मचारी के रूप में पदस्थ है उनका पति भी मजदूरी कर अन्य कार्य करता है मगर उसकी बीवी सरकारी पद पर काम करते करते करते अपने आशिक के साथ में भाग खड़ी होती हैं। कई महिलाएं तो अपने मां-बाप की संपत्ति के आधार पर अपने पति को छोड़कर अपने मायके में निवासरत रहती हैं कहते हैं कि मेरा पति कुछ काम नहीं करता निठल्ला बैठा रहता है बेरोजगार है इसलिए मैं मायके में हमेशा की तरह रहूंगी मगर मायके में रहते रहते वह भी बहुत जाती है और बहुत ने के बाद में अपने आप ही के साथ में गुलछर्रे उड़ाते रहती है। यह कहानी महिलाओं को खुली छूट दे रखने के कारण ऐसी घटनाएं होती जा रही है अगर कानूनी कार्यवाही नहीं की जाती है प्रतिबंधात्मक तो ना जाने भारत देश का भविष्य कैसा रहेगा एसडीएम ज्योति मौर्या जैसा ही रहेगा ऐसा लग रहा है।

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

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