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Bihar News नारायणपुर मंदिर में उमड़ती हैं भक्तों को भीड़

रिपोर्टर सचिन कुमार मोतिहारी बिहार

पताही प्रखण के अंतगर्त पदुमकेर पंचायत के नारायणपुर गांव स्थित श्री ठीकर नाथ महादेव मंदिर काफ़ी पौराणिक व प्रचलित हैं यहां भक्तों की सभी मन्नते पूरी होती है, शिव मंदिर का इतिहास सैकड़ो वर्ष, पुराना है एक बरगद के विशाल वृक्ष के नीचे मिले प्रतिमा भोले नाथ के अद्वत शक्ति वाली मूर्ति भोलेनाथ प्रेमालाप के मुद्रा में मां पार्वती जी के अपने बाए जांघ बैठकर उन्हे अपने अंगुलिपान करा रहे हैं, नीचे नंदी बाबा है, जिन्हें भक्त मनोकामना भोलेनाथ भी कहते हैं, भक्तों की कहना है जो भी भक्त यहां सच्चे मन से जो भी मांगते हैं उनकी मुरादे पूरी होती है वर्ष 1990 में महारुद्र यज्ञ भी हुआ था जिसमे जिहुली पंचायत के पूर्व सरपंच राघवेद्र सिंह उर्फ़ मुन्ना बाबू तमाम ग्रामीण के साथ साथ कई पड़ोसी गांवों के लोगों के अथक प्रयास व आर्थिक सहयोग से मंदिर का निर्माण कराया गया।
भोलेनाथ पर बेलवा घाट बागमती नदी से जल लाकर भक्त जल अर्पण कर अपनी मन्नते मांगते हैंमन्नत पूरी होने पर पुन: मंदिर पहुंच कर पूजा अर्चना करते हैं स्थानीय ग्रामीण रजनीकांत गिरी, रामनरेश गिरी, मुकेश गिरी, धीरज पाठक, भिखारी पासवान वार्ड संख्या 12 के अध्यक्ष प्रभात पाठक, वार्ड संख्या 10 के अध्यक्ष विकेश राय आदि ने बताया महाशिवरात्रि कि रात्रि में विशेष रुप से श्रृंगार पूजा की जाती है, और मंदिर के पुजारी भागीरिथ गिरी व भाग्यनारायण गिरी ने बताया कि यहां पावित्र सावन के प्रत्येक सोमवारी व अन्य पर्व अलावा भी गरीब असहाय परिवार के बच्चे/ बच्चियों के विवाह, मुंडन, व जनेऊ, हुआ करते हैं मंदिर में स्थापित शिवलिंग कई वर्ष पुराना है स्थानीय लोगों की माने तो इस मंदिर की स्थापित कई सौ वर्ष पुराना है जिसे किसी राजा द्वारा स्थापित कराया गया था। जिसका पुन: जिणोद्वारा आज़ादी के बाद बेतिया के सहयोग लगभग आठ दशक पूर्व कराया गया था मंदिर के दीवारों पर कलकृतियां उकेरी गईं हैं। स्थानीय ग्रामीण दीनबंधु सिंह, रजनीश सिंह, लालू सिंह आदि लोगों ने बताया कि प्रतिदिन यहां भक्त दर्शन करने आते हैं, पर सावन के पावन महीनों के सोमवारी के काफ़ी भीड़ उमड़ती हैं

 

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