Chhattisgarh News समय से पहले स्कूल बंद हो जाते हैं।

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड के ग्राम नरियारा में स्कूल संचालित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शासकीय प्राथमिक शाला शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला इनका समय से पहले बंद कर चले जाते हैं अपने घरों की ओर तथा मध्यान भोजन की भी जांच पड़ताल की गई तो मध्यान भोजन में केवल चावल सब्जी दिया जाता है जो कि गुणवत्ता विहीन रहती है जबकि नियम है कि दाल चावल सब्जी देने का मगर दाल थाली से गायब रहती है एवं आंगनबाड़ी केंद्र भी गुणवत्ता विहीन खाद्य सामग्री दिया जाता है जोकि बच्चों के खाने लायक नहीं रहता है सफाई व्यवस्था नहीं रहती है तथा स्कूलों आंगनबाड़ियों के परिसर में पानी भरा रहता है जिससे बच्चों को आने-जाने में तकलीफ रहती है शासन द्वारा इतनी बहुतायत मात्रा में शैक्षणिक कार्यों के लिए खर्च किए जाते हैं मगर उन परिवारों का मैदान स्वच्छ नहीं रहता है कीचड़ से भरा रहता है उचित साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं रहती है साफ सफाई के लिए बच्चों को लगा दिया जाता है मगर उन स्कूलों के सफाई कर्मी हाथ पर हाथ रखे मोबाइल से टाइम पास करते रहते हैं सफाई के नाम पर ठेंगा है तथा स्कूल खुलने का समय रहता है 10:00 से 5:00 तक मगर स्कूल खुलता है 10:00 बजे बंद हो जाता है 2:00 बजे बच्चों को छुट्टी कर दी जाती है यहां के शिक्षक अधिकांश अप डाउन कर कार्य संचालित करते हैं विशेष तौर से शासकीय पूर्व पूर्व माध्यमिक शाला शासकीय हाई सेकेंडरी स्कूल हाई स्कूल एवं अन्य स्कूलों के कर्मचारी आना-जाना करके ड्यूटी करते हैं मुख्यालय में नहीं रहते हैं जिसकी वजह से स्कूलों में छुट्टी कर चले जाते हैं अपने अपने घरों में स्कूलों में अव्यवस्था का आलम फैली हुई है जितने भी सरकारी स्कूल हैं इन स्कूलों के बाउंड्री वाल पर विज्ञापन लगा रहता है कांग्रेस पार्टी बीजेपी पार्टी एवं अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान का विज्ञापन लगा रहता है क्योंकि सरकारी भवनों में विज्ञापन प्रतिबंधित है उसके बावजूद भी विज्ञापन जारी है बदस्तूर मना करने वाला कोई नहीं है यहां तक के संस्था प्रमुख द्वारा भी इसका विरोध नहीं किया है यह व्यवस्था हर सरकारी स्कूलों में विद्यमान हैं। सरकारी स्कूलों का पुताई कार्य भी नहीं हुआ है नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है पुताई के लिए राशि आई रहती है मगर उन राशियों का उपयोग नहीं किया जा रहा है पुताई की राशि को किसी अन्य में खर्च कर दिया जाता है पूछा जाता है कि रंगों हवन का कार्य के लिए प्रार्थी आया है क्या तो हमें बोलते हैं कि राशि नहीं आया है छत्तीसगढ़ शासन की ओर से मगर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से रंगाई पुताई के लिए पैसे आते हैं जिसका संस्था प्रमुख द्वारा उपयोग नहीं किया गया है छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पुताई के लिए गोबर पेंट भेजी गई है कि नहीं यह जानकारी तो नहीं है मगर छत्तीसगढ़ द्वारा रंगाई पुताई के लिए विशेष राशि जारी की है मगर उन राशियों का उपयोग नहीं किया गया है। नरियारा ग्राम के रहने वाले समस्त ग्राम वासियों ने यह मांग की है कि यहां अप डाउन करने वाले शिक्षकों को नहीं रखा जाए और रहते हैं तो मुख्यालय में निवासरत रहे।
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