Chhattisgarh News कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले तहसील कार्यालय के सामने किए एक दिवसीय हड़ताल

रिपोर्टर आमोद तिवारी अंबिकापुर छत्तीसगढ़
निकाले बाइक रैली एसडीएम को सौंपा ज्ञापन। इतिहास में पहली बार छत्तीसगढ़ में देश के कर्मचारी अधिकारी की संयुक्त मोर्चा ने कई बार अपनी मांगे को लेकर हड़ताल प्रदर्शन किया
उदयपुर कर्मचारी अधिकारियों ने कांग्रेस सरकार की वादाखिलाफी से आक्रोशित होकर हड़ताल करने विवश
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले उदयपुर ब्लॉक के संयुक्त संघ ने एकजुट होकर अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर बिगुल फूंक भूपेश सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी आक्रोशित हैं। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा में प्रदेश के 145 संगठन रजिस्टर्ड हैं जिन्होंने चुनाव से पूर्व कांग्रेस सरकार के घोषणा पत्र का समर्थन करते हुए पूर्ण बहुमत देकर सरकार बनाया और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के साढ़े 4 साल बाद भी कई मांगे अधूरी रह गई। इस बीच विभिन्न संघ ने मौखिक लिखित में सरकार को अनेक बार अपनी मांग पूरी करने की अपील किये इसके बाद भी उनका मांग नहीं पूरा किए। कई बार धरना प्रदर्शन और आंदोलन तक भी किये इसके बावजूद भी सरकार आज तक किए वादा पूरा नहीं किया जिससे आक्रोशित होकर प्रदेश के लाखों कर्मचारी अधिकारी नाराज हैं और अपनी हक की लड़ाई लड़ने सड़क पर उतर गए हैं। सरगुजा जिले के उदयपुर में कल 300 से अधिक कर्मचारी अधिकारी एकदिवसीय काम बंद कलम बंद की आह्वान कर नया बस स्टैंड में सरकार की वादाखिलाफी रवैया पर नाराजगी जाहिर करते हुए जमकर बरसे और हाईवे नेशनल मार्ग पर मोटरसाइकिल में लंबी लाइन से रैली निकालकर एसडीएम कार्यालय पहुंच लिखित ज्ञापन छत्तीसगढ़ शासन के अपर सचिव के नाम उदयपुर एसडीएम भागीरथी खांडेय को ज्ञापन सौंपा है जिसमें 5 सूत्रीय मांग किया है और यह भी चेतावनी देते हुए कहा सरकार उनकी 31 जुलाई तक मांग पूरी नहीं करने पर सर्व विभाग कर्मचारी अधिकारी एक अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। हड़ताल में मोती लाल राजवाड़े, लखन राजवाड़े, हरकेश चौधरी,ओमप्रकाश ,जगदीश सिंह, बजरंगदास, राधाकृष्णन ,बिपिन बिहारी गहवई, रामलाल सिंह, सम्पूरन कुमार ,अनिल कुमार, दुलारी सिंह, सहित सैकड़ो अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
मांगे –
1, छठवें वेतनमान के आधार पर देय गृह भाड़ा भत्ता को सातवें वेतनमान के आधार पर सुनिश्चित करें।
2, राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र के समान देय तिथि से भत्ता स्वीकृत करें।
3, गठित पिंगुआ कमेटी एवं सामान्य प्रशासन विभाग की सचिव की अध्यक्षता में गठित वेतन विसंगति रिपोर्ट को सार्वजनिक करें।
4, जन घोषणा पत्र में समस्त कर्मचारियों की चार स्तरीय वेतनमान क्रमशः 08,16,24 व 30 वर्ष की सेवा अवधि उपरांत करें एवं अनियमित, संविदा एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मियों को नियमित किया जाए।
5, पुरानी पेंशन का लाभ के लिए प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना की जाए एवं पूर्ण पेंशन का लाभ आहर्ता सेवा 33 वर्ष के स्थान पर 25 वर्ष किया जाए।
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