Madya Pradesh News : टोंक खुर्द में उग्र आंदोलन की चेतावनी: अधूरा निर्माण बना हादसों को न्योता!

ब्यूरो चीफ रवि कुमार देवास, M.P.
अधिकारियों को शायद किसी बड़े हादसे का इंतज़ार! रतनखेड़ी-राणायर मार्ग 5 साल बाद भी अधूरा, बच्चों की जान जोखिम में डाल रहे स्कूली बस चालक टोंक खुर्द / चिड़ावद: जनपद पंचायत टोंक खुर्द के अंतर्गत ग्राम पंचायत चिड़ावद से होकर राणायर गाडरी तक जाने वाला मुख्य मार्ग शासन और प्रशासन की घोर लापरवाही का जीवंत उदाहरण बन चुका है। साल 2021 में शुरू हुआ रतनखेड़ी-राणायर मार्ग 5 साल बीत जाने के बाद भी आज तक आधा-अध अधूरा पड़ा है। इस मार्ग से सीधे तौर पर 10 प्रमुख गांव जुड़े हुए हैं, जहां से रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही होती है। सड़क की खस्ताहाली और उड़ती धूल-मिट्टी के बीच सबसे ज्यादा खतरा स्कूली बच्चों पर मंडरा रहा है। गड्ढों से भरी इस सड़क पर जब बच्चों से भरी बसें गुजरती हैं, तो हर पल किसी अनहोनी का डर बना रहता है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि इस विकट समस्या को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

”अधिकारियों की चौखट पर मिन्नतें करके हम थक चुके हैं। हमारे बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है। अगर जल्द सड़क नहीं बनी, तो अब अर्जी नहीं, सीधा चक्का जाम होगा!” > — आक्रोशित ग्रामीण घंटों ठप रहा यातायात, चक्का जाम के बाद जागी प्रशासनिक मशीनरी ग्रामीणों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया और आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया। घंटों चले इस प्रदर्शन के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। आंदोलन की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे उच्च अधिकारियों ने स्थिति को संभालने की कमान संभाली। अधिकारियों का आश्वासन: मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि रुके हुए निर्माण कार्य की फाइल को क्लियर कर लिया गया है और इसका कार्य अतिशीघ्र पूर्ण कराया जाएगा। ग्रामीणों का अल्टीमेटम: प्रशासन के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल जाम समाप्त कर दिया है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो यह आंदोलन और बड़ा रूप लेगा।

Subscribe to my channel