झारखंडब्रेकिंग न्यूज़

Jharkhand News कांवड़ पर मां को बिठाकर सुल्तानगंज से चला देवघर, कलयुग में श्रवण बने बेटे ने बताई पीछे की कहानी

  रिपोर्टर मिथिलेश पांडेय धनबाद झारखंड

मुंगेर : आज भी ऐसे बेटे हैं जो अपने माता-पिता को भगवान मानकर उनकी पूजा कर रहे हैं. मंगलवार (4 जुलाई) से सावन की शुरुआत होते ही कांवरिया पथ पर कुछ ऐसा ही नजारा दिखा. मुंगेर के कच्ची कांवरिया पथ पर कलयुग का श्रवण कुमार कांवड़ पर वृद्ध मां को बिठाकर सुल्तानगंज से लेकर देवघर जा रहा था यह नजारा देख अन्य कांवरिया भी हैरान हो गए. दरअसल मंगलवार (4 जुलाई) को श्रावणी मेले के उद्घाटन के बाद मुंगेर के कच्ची कांवरिया पथ पर देवघर जाने वाले लोगों का हुजूम दिखने लगा. कांवरियों ने सुल्तानगंज गंगा घाट से जल भरा और बाबा धाम के लिए निकल पड़े. पहले दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने जल भरा. इसी दौरान कलयुग में श्रवण कुमार बने खगड़िया से आए कांवरिया रंजीत ने इसके पीछे की पूरी बात बताई. बेटे ने कहा- बीमार थी मां तो लिया था प्रण इस तरह कांवड़ पर बहंगी बनाकर ले जाने वाले रंजीत ने बताया कि पिछले साल उनकी मां बीमार थी. वो बाबा धाम जा रहे थे तो उसी समय प्रण लिया कि अगर उनकी मां ठीक हो गईं  !

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

Related Articles

Back to top button