Madhya Pradesh News संयुक्त पंजीयक सागर ने लाखों का लेनदेन कर लिखित शिकायत को दरकिनार कर ठंडे बस्ते में डाली?
1 माह बीतने के बाद भी, कछुए की चाल चल रही जांच

ब्यूरो चीफ राजू जोशी महाराज छतरपुर मध्य प्रदेश
अपात्र संचालक मंडल के 7 सदस्य अपात्र तीन डिफॉल्टर, फिर भी अध्यक्ष द्वारा किया जा रहा बैंक के कार्यों को संचालित
छतरपुर बीते मई माह में सद्भाव नागरिक सहकारी मर्यादित बैंक छतरपुर में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जेआर सागर को कुछ विशेष बिंदुओं को लेकर लिखित शिकायत की गई थी। जिसमें संयुक्त पंजीयक सागर द्वारा 15 दिवस में जांच पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया था। आज 1 माह बीत जाने के बाद भी नहीं मिल रहा संतोषजनक जवाब। जांच कमेटी द्वारा जांच कछुए की चाल चल रही। जे. आर. सागर द्वारा घुमा फिरा कर दिया जा रहा जवाब। बीते माह मई में सद्भाव नागरिक सहकारी बैंक छतरपुर में आरबीआई की रिपोर्ट के आधार पर संचालक मंडल में 7 सदस्यों को अपात्र माना है। जिसमें 3 सदस्य बैंक के ऋणी होने से डिफॉल्टर हैं। अपात्र संचालक मंडल द्वारा सद्भाव नागरिक सहकारी बैंक छतरपुर में आधा दर्जन नियुक्ति कर लाखों रुपए का लेनदेन के लग रहे आरोप। जिसमें कई रिश्तेदार और कई करीबी फर्जी भर्तियों में थे शामिल। बैंक के गोपनीय रिकॉर्ड को अपात्र संचालक मंडल द्वारा बिना सुरक्षा गार्ड के कई महीनों तक दूसरे जगह किसी प्राइवेट मकान में चौबे कॉलोनी में रखा गया। जहां से गोपनीय रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई, जिसमें 420 का मामला पंजीबद्ध होना बनता है। आरबीआई के ऑब्जेक्शन के बाद रिकॉर्ड को वापस बैंक में लाया गया। सूत्रों की माने तो सद्भाव नागरिक सहकारी बैंक छतरपुर में अध्यक्ष श्रीमती रानी सुलोचना बाजपेई के बैंक में कई प्रकार के हस्ताक्षर चलते हैं, जो पूर्ण रूप से फर्जी हैं। अध्यक्ष महोदया एक ग्रहणी महिला है, शायद उनको भी यह जानकारी नहीं है की बैंक में हमारे कितने प्रकार के हस्ताक्षर हमारे पुत्र विनीत बाजपाई द्वारा किए जा रहे हैं। जांच कमेटी अध्यक्ष के हस्ताक्षर सामने कराएं, तो वह दिन दूर नहीं कि दूध का दूध और पानी का पानी स्पष्ट हो जाएगा। बैंक द्वारा तीन सदस्यीय जांच कमेटी को कई तरह से गुमराह किया जाता है। 1 माह बीत जाने के बाद भी 3 सदस्य जांच कमेटी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। तीन सदस्यीय जांच कमेटी द्वारा गोलमोल जवाब दिया जा रहा है। जिससे यह स्पष्ट होता है कि कहीं न कहीं सुविधा शुल्क का मिलन- जुलन हो गया है। नाम ना छापने की शर्त पर बैंक के कर्मचारी ने बताया कि अपात्र संचालक मंडल के प्रोफेशनल डायरेक्टर विनीत बाजपेई एक चिटफंड कंपनी को संचालित करते हैं, और वह बैंक को भी एक चिटफंड जैसा मानते हैं, और अपनी अध्यक्ष मां के कई प्रकार के हस्ताक्षर कर बैंक को संचालित कर रहे हैं। प्रोफेशनल डायरेक्टर विनीत बाजपाई द्वारा बैंक के सीबीएस को भी ऑपरेट करते थे। जिससे बैंक की समस्त प्रकार की गोपनीय जानकारी से पल-पल अपडेट रहते थे। बैंक के डे टू डे काम में प्रोफेशनल डायरेक्टर विनीत बाजपाई द्वारा हस्तक्षेप किया जाता था। आरबीआई रिपोर्ट में सिद्ध हुआ है। इसी वजह से आरबीआई ने काफी माह पहले बैंक को और अपात्र संचालक मंडल को लोन स्वीकृति की अनुमति प्रदान नहीं की है, और बैंक में लोन के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। आरबीआई की रिपोर्ट में स्पष्ट होने के बाद भी संयुक्त पंजीयक डॉ शिवेंद्र पांडे सागर द्वारा उचित कार्यवाही ना करके आश्वासन देकर 3 सदस्य जांच बिठा कर ठंडे बस्ते में डाल दिया, जिससे तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
इनका कहना है – जांच चल रही है, और कितने दिन लगेंगे यह मुझे नहीं है पता। जांच कंप्लीट हो जाएगी, तो मैं बता दूंगा।


Subscribe to my channel